युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एफआईआर दर्ज, एडीजी जोन के आदेश पर हुई कार्रवाई
- एडीजी दावा शेरपा के हस्तक्षेप के बाद बैकफुट पर आई महराजगंज पुलिस, दारोगा की तहरीर पर केस दर्ज
- पीड़िता के घर वाले लोकलाज से डरे, घर पर बयान लेने पहुंची थी पुलिस को पीड़िता से नहीं मिलने दिया
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा से अगवा कर मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म को झुठलाने वाली पुलिस एडीजी दावा शेरपा के हस्तक्षेप के बाद गुरुवार को बैकफुट पर आ गई। दरोगा की तहरीर पर ही अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
थानेदार विजय राज सिंह गोरखपुर के भटहट कस्बा आए और घटना की सूचना देने वाले चश्मदीद संतोष जायसवाल का बयान दर्ज किया। संतोष ने साफ बताया कि लड़की अर्द्धनग्न हाल में मिली थी। इसी आधार पर पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने ही युवती को अस्पताल भिजवाया और बयान में उसने अगवा कर दुष्कर्म की बात कही। उधर, महराजगंज पुलिस ने युवती का बयान लेने की कोशिश की, मगर घरवालों ने दरवाजा ही नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने खुद वादी बनकर मुकदमा दर्ज कराया।
जानकारी के मुताबिक, श्यादेउरवा क्षेत्र की रहने वाली एक युवती को बाइक सवार कुछ लोग भटहट में सोमवार को एक निजी अस्पताल के सामने फेंककर फरार हो गए थे। युवती अर्द्धनग्न हाल में थी और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पास से ही गुजर रहे संतोष जायसवाल ने इसकी सूचना जाकर भटहट पुलिस चौकी पर दी थी। पुलिस ने ही उसे पहनने के लिए कपड़ा देने के साथ ही स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया था।
भटहट स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज में पंजीकरण संख्या (2020/098/0053620) की पर्ची बनी, फिर युवती को इमरजेंसी में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भेजा गया। इलाज के बाद उसे आशा ज्योति केंद्र लाया गया था, मगर फिर श्यामदेउरवा पुलिस ने युवती के पिता को लोकलज्जा की बात समझा दी और वह बेटी को लेकर घर चला गया।
पुलिस ने पिता से यह लिखवाकर ले लिया कि मीडिया उसे बदनाम करने को खबर प्रकाशित कर रही है, घटना हुई ही नहीं है। अमर उजाला का यह दावा नहीं कि सामूहिक दुष्कर्म हुआ ही है, मगर यह जरूर कहना है कि कुछ ऐसा हुआ है, जिसकी तफ्तीश करके दूध का दूध, पानी का पानी करना चाहिए। उसके लिए मामला दर्ज करके तफ्तीश तो करनी ही चाहिए।
अमर उजाला की इस भावना को एडीजी जोन दावा शेरपा ने समझा। एडीजी ने गंभीर मामले में पुलिस की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जाहिर की और केस दर्ज करके प्रभावी कार्रवाई का आदेश दिया। इसी का नतीजा रहा कि जो महराजगंज पुलिस पूरी घटना से इंकार कर रही थी, वह एक्शन में आ गई। ताबड़तोड़ मुकदमा हुआ और इंस्पेक्टर ने छानबीन भी शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि एडीजी के आदेश पर अगवा कर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। युवती का मेडिकल कराके जल्द ही आरोपितों को जेल भेजा जाएगा।
श्यामदेउरवा थानेदार विजय राज सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर दरोगा की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है, जल्द ही पूरे मामला का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।