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Gorakhpur News: पुरानी रंजिश और राजनीतिक टकराव के एंगल पर भी जांच

Wed, 18 Mar 2026 06:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 06:19 AM IST
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Police are also investigating the 2023 dispute and the clash during the councilor elections.
चिलुआताल (गोरखपुर)। राजकुमार चौहान की हत्या की जांच में पुलिस हर पहलू को देख रही है। पुलिस सिर्फ हालिया घटनाओं तक सीमित नहीं रह रही, बल्कि उनके पुराने विवाद और राजनीतिक रंजिशों की जानकारी भी खंगाल रही है।
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ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में राजकुमार चौहान के करीबी का गांव के दीपक गौड़ के साथ गंभीर विवाद हुआ था। उस समय गोली चलने की घटना हुई थी, जिसमें राजकुमार का नाम भी संदेह के घेरे में आया था। पुलिस अब उस मामले के सच का पता लगाने में जुटी है। इसके अलावा पार्षद के चुनाव के दौरान भी राजकुमार चौहान का वर्तमान पार्षद धर्मदेव चौहान के साथ टकराव हुआ था।
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यह विवाद इतना बढ़ गया कि राजकुमार को जेल जाना पड़ा। पुलिस इस राजनीतिक रंजिश के एंगल को भी गंभीरता से जांच में शामिल कर रही है।
राजकुमार चौहान स्थानीय राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली चेहरा थे। वह पूर्व पार्षद प्रतिनिधि रह चुके थे और क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ थी। बताया जा रहा है कि वह 2027 में विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे थे। उनका राजनीतिक नेटवर्क बड़े नेताओं तक फैला हुआ था, जिसमें कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल के साथ नजदीकियां शामिल थीं।
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पत्नी बोली- तरक्की देख गांव में ही बन गए कई दुश्मन
पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या के बाद उनकी पत्नी सुशीला चौहान का रो-रोकर बुरा हाल है। वह सड़क पर बैठी रो रही थीं। वह कई बार बेसुध भी हुईं। परिवार की महिलाएं उन्हें संभालने में जुटी थीं। सुशीला ने बताया कि राजकुमार को आगे बढ़ता देखकर गांव के ही कुछ लोग जलते थे। इसी जलन में उन्होंने उनकी हत्या की है। गांव में ही उनके दुश्मन थे। सुशीला ने कहा कि हमारे छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं, हम अब कैसे रहेंगे।

पिता बोले- मरने से पहले बेटे ने दीपक का लिया था नाम
पिता जंगीलाल का कहना था कि राजकुमार ने दो बार चिल्लाकर दीपक का नाम लिया है। उन्होंने गांव के एक व्यक्ति द्वारा झूठे मामले में जेल भेजने की बात भी कही। उन्होंने राजनीतिक द्वेष में हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हत्यारों ने उनका सबकुछ छीन लिया। अब वे किसके सहारे जीएंगे। अक्सर राजकुमार जब माॅर्निंग वाक पर जाते थे तो उनके साथ कुछ और लोग होते थे लेकिन आज वह अकेले गए थे।


पोस्टमार्टम के बाद नारेबाजी
शव का पोस्टमार्टम होने के बाद समर्थक एंबुलेंस के आगे चलते हुए मेडिकल कॉलेज गेट पर रोककर नारेबाजी कर रहे थे। चरगांवा, खजांची के पास भीड़ ने रूककर प्रदर्शन किया और फिर स्पोर्ट्स कॉलेज होते हुए बरगदवा पहुंचे।


पुलिस की मौजूदगी में दाह संस्कार
रात करीब 8:45 बजे रोहिणी नदी के किनारे पुलिस की मौजूदगी में दाह संस्कार किया गया। बेटे युवराज ने मुखाग्नि दी। इस दौरान राजनेताओं और सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
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