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Gorakhpur: आयाम सम्मान से सम्मानित हुए कवि अरुण आदित्य, बोले- हमारी संवेदना के आयाम को विस्तृत करती है कविता
Mon, 26 Dec 2022 02:40 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 26 Dec 2022 02:40 PM IST
सार
प्रेसक्लब सभागार में रविवार को आयोजित समारोह में कवि व पत्रकार अरुण आदित्य को प्रथम आयाम सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर ‘मेरी कविता क्यों सुनें’ शृंखला के तहत उनका व्याख्यान व एकल काव्य पाठ भी हुआ। अरुण आदित्य ने कहा कि कविता हमारी संवेदना के आयाम को विस्तृत करती है और मन को भयमुक्त करती है।
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कवि व पत्रकार अरुण आदित्य।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कविता संवेदना से पैदा होती है और वह यथार्थ व स्वप्न के बीच आवाजाही करती है। यह बात वरिष्ठ समालोचक अरविंद त्रिपाठी ने विमर्श केंद्रित संस्था आयाम द्वारा आयोजित आयाम सम्मान समारोह में कही।
प्रेसक्लब सभागार में रविवार को आयोजित समारोह में कवि व पत्रकार अरुण आदित्य को प्रथम आयाम सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर ‘मेरी कविता क्यों सुनें’ शृंखला के तहत उनका व्याख्यान व एकल काव्य पाठ भी हुआ। अरुण आदित्य ने कहा कि कविता हमारी संवेदना के आयाम को विस्तृत करती है और मन को भयमुक्त करती है।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए आयाम के संयोजक देवेंद्र आर्य ने कहा कि यदि कवि जन सरोकारों से जुड़ा है, मनुष्यता और लोकतंत्र में उसकी आस्था है, तो वह जरूर बताएगा कि उसे क्यों सुना जाए।
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कवि संजय आर्य ने कहा कि अरुण आदित्य की कविताएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे कविताओं को सतत जीते हैं। डॉ. भारत भूषण ने कहा कि गहन संवेदना किसी कवि को कलात्मक ऊंचाई प्रदान करती है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने कहा कि अरुण आदित्य की कविता में जीवन के यथार्थ और स्वप्न दोनों हैं। वे अपनी कविताओं में शिल्प के प्रति सजग हैं और शिल्प की सजगता कविता को बड़ा बनाती है।
कार्यक्रम का संचालन अजय सिंह और आभार ज्ञापन अमित कुमार ने किया। इस अवसर पर वेद प्रकाश पांडेय, श्रवण कुमार निराला, मदन मोहन, अरविंद पांडेय, सुभाष चौधरी, रविंद्र मोहन त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, उद्भ्रांत, प्रदीप सुविज्ञ आदि मौजूद रहे।
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प्रेसक्लब सभागार में रविवार को आयोजित समारोह में कवि व पत्रकार अरुण आदित्य को प्रथम आयाम सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर ‘मेरी कविता क्यों सुनें’ शृंखला के तहत उनका व्याख्यान व एकल काव्य पाठ भी हुआ। अरुण आदित्य ने कहा कि कविता हमारी संवेदना के आयाम को विस्तृत करती है और मन को भयमुक्त करती है।
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कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए आयाम के संयोजक देवेंद्र आर्य ने कहा कि यदि कवि जन सरोकारों से जुड़ा है, मनुष्यता और लोकतंत्र में उसकी आस्था है, तो वह जरूर बताएगा कि उसे क्यों सुना जाए।
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कवि संजय आर्य ने कहा कि अरुण आदित्य की कविताएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे कविताओं को सतत जीते हैं। डॉ. भारत भूषण ने कहा कि गहन संवेदना किसी कवि को कलात्मक ऊंचाई प्रदान करती है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने कहा कि अरुण आदित्य की कविता में जीवन के यथार्थ और स्वप्न दोनों हैं। वे अपनी कविताओं में शिल्प के प्रति सजग हैं और शिल्प की सजगता कविता को बड़ा बनाती है।
कार्यक्रम का संचालन अजय सिंह और आभार ज्ञापन अमित कुमार ने किया। इस अवसर पर वेद प्रकाश पांडेय, श्रवण कुमार निराला, मदन मोहन, अरविंद पांडेय, सुभाष चौधरी, रविंद्र मोहन त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, उद्भ्रांत, प्रदीप सुविज्ञ आदि मौजूद रहे।