गोरखपुर: पीएम मोदी पांच दिसंबर को करेंगे नौ नए लैब का लोकार्पण, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री ने इसकी जानकारी आरएमआरसी के अफसरों को दे दी है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी व सीनियर वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिसंबर को आरएमआसी (क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र) के नौ लैब का लोकार्पण करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री कार्यालय से लोकार्पण के लिए समय मांगा था, जिस पर उन्हें पांच दिसंबर की तिथि दी गई है।
केंद्रीय मंत्री ने इसकी जानकारी आरएमआरसी के अफसरों को दे दी है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी व सीनियर वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गई है।
जीन मैपिंग से लेकर वायरस-बैक्टीरिया पर होगा शोध...
इम्युनोलॉजी: वैक्सीन की प्रतिरोधक क्षमता तथा उसके प्रभाव पर शोध होगा।
मालीक्यूलर बायोलॉजी: जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी। अभी जीन सीक्वेसिंग के लिए नमूने दिल्ली और पुणे भेजे जाते हैं।
माइकोलॉजी: फंगस की जांच और शोध होगा।
मेडिकल इंटेमोलॉजी: डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफ्लाइटिस आदि के वाहक कीटों पर शोध होगा।
नान कम्युनिकेबल डिजीज: मधुमेह व हाइपरटेंशन के कारणों की जांच की जाएगी।
माइक्रोबायोलॉजी: वायरस और वैक्टीरिया पर शोध होगा।
सोशल विहैवियर स्टडी: मानसिक बीमारियों पर शोध किया जाएगा।
हेल्थ कम्युनिकेशन: बीमारियों की रोकथाम के उपायों का प्रचार-प्रसार।
इंटरनेशनल हेल्थ पालिसी: विश्व स्तर की होने वाली बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे।
जीका वायरस की भी होगी जांच
कानपुर और लखनऊ में जीका वायरस के केस मिलने के बाद आरएमआरसी ने तैयारी तेज कर दी है। प्रवक्ता डॉ अशोक पांडेय के मुताबिक आरएमआरसी में जीका वायरस के जांच की सुविधा उपलब्ध है। 2018 में जीका वायरस की जांच की गई थी। उस वक्त कोई केस नहीं मिला था। अब यूपी में केस मिले हैं। दोबारा जांच की जाएगी।
दूसरी तरफ जीका वायरस के नियंत्रण की जिम्मेदारी सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने एसीएमओ डॉ. एके चौधरी को दी है। निर्देश दिए गए हैं कि जिन मरीजों में डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं, अगर उनकी रिपोर्ट निगेटिव आती हैं तो ऐसे लोगों पर नजर रखते हुए जीका वायरस की जांच कराई जाए।