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Gorakhpur News: जल्द साकार होगी योगानंद की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल बनाने की योजना- जानें कैसे
Wed, 26 Jun 2024 05:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2024 05:42 AM IST
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कोतवाली थाने की पुरानी बैरक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुनियाभर में योग का प्रचार-प्रसार करने वाले योगगुरु परमहंस योगानंद (मुकुंद लाल घोष) की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। प्रदेश कैबिनेट ने योगानंद मुफ्तीपुर, असकरगंज में जिस मकान में रहते थे उससे सटे कोतवाली थाना में पुरानी बैरक और छह आवास की जमीन को निशुल्क उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है।
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वहीं, 15 दिनों में जन्मस्थली वाले आवास की रजिस्ट्री कराने की तैयारी है। पर्यटन विभाग योगानंद से जुड़ी वस्तुओं को धरोहर के रूप में संरक्षित करेगा। इसके लिए करीब 50 करोड़ खर्च होंगे। पर्यटन विभाग को पहली किस्त 19 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
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इस रकम को भवन और जमीन के मुआवजे पर खर्च किया जाएगा। भूमि आधिपत्य विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मुफ्तीपुर, असकरगंज में जमींदारी क्षेत्र की बंजर जमीन पर बने थाना कोतवाली में एक बैरक और पांच-छह आवास की जमीन को निशुल्क दी जाएगी। इसे लेकर कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को मुहर लग गई।
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दिसंबर 2023 में हुआ था सर्वे
प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने दिसंबर 2023 में प्रशासन की टीम ने शहर के नखास चौक, कोतवाली के बगल में स्थित जिस मकान में पांच जनवरी 1893 को परमहंस योगानंद का जन्म हुआ था, उसका सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया था।
योगानंद के पिता भगवती चरण घोष रेलवे में नौकरी करते थे। सपरिवार नवाब शेख अब्दुल रहीम उर्फ अच्छन बाबू के यहां किराए पर रहते थे। प्रस्ताव को स्वीकृत देते हुए शासन ने मार्च में ही मंजूरी दे दी और 19 करोड़ की पहली किस्त भी जारी कर दी।
खड़ाऊं, रुद्राक्ष की मालाएं, लैंप हैं सुरक्षित
परमहंस योगानंद जिस कमरे में रहते थे, उसमें उनकी खड़ाऊं, रुद्राक्ष की मालाएं, लैंप और पुस्तकें थीं। उसे सुरक्षित रखा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, परिसर में एक संग्रहालय बनेगा, जिसमें उनसे जुड़ी वस्तुओं को रखा जाएगा। आवास के परिसर को योग केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परिसर में ही उनका बड़ा स्टैच्यू लगेगा। इसके अलावा लाइब्रेरी, म्यूजियम, गार्डेन, कैफेटेरिया, फोटो गैलरी, हॉल आदि बनाए जाएंगे।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि परमहंस योगानंद जिस मकान में रहते थे उसकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया जल्द पूरा कराने की तैयारी है। इसके अलावा कोतवाली थाना में एक पुराना बैरक और पांच-छह कमरे हैं, जिसे सरकार ने निशुल्क उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में सहमति मिल गई है। हस्तांरण की प्रक्रिया जल्द कराकर पूरे परिसर को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का काम शुरू कराया जाएगा।