फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Physicians gave views during two day conference of Isoparb Mid Term Hybrid

गोरखपुर: कोविड की वजह से बढ़े स्टिलबर्थ के मामले, देश विदेश से जुटे चिकित्सकों ने कही ये बात

Sun, 14 Nov 2021 03:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 14 Nov 2021 03:25 PM IST
सार

कॉन्फ्रेंस की शुरुआत गोरखपुर शहर के एक होटल में शनिवार को हुई। इसमें देश की सैकड़ों स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

विज्ञापन
Physicians gave views during two day conference of Isoparb Mid Term Hybrid
कांफ्रेंस का उद्घाटन करतीं शहर की डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोविड का असर मां और बच्चों पर भी पड़ा है। इसकी वजह से स्टिलबर्थ के मामले काफी बढ़े हैं। गर्भावस्था के 20वें हफ्ते के बाद लेकिन डिलीवरी से पहले गर्भस्थ शिशु की मृत्यु होना स्टिलबर्थ कहलाता है। ये बातें आइसोपार्ब मिड टर्म हाइब्रिड के दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के दौरान चिकित्सकों ने कहीं।
विज्ञापन


कॉन्फ्रेंस की शुरुआत गोरखपुर शहर के एक होटल में शनिवार को हुई। इसमें देश की सैकड़ों स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। देश-विदेश के कई चिकित्सक इस आयोजन से ऑनलाइन जुड़े। शनिवार को सेक्रेटरी डॉ. अमृता जयपुरियार, डॉ. राधा जीना, डॉ. रीना श्रीवास्तव, डॉ. सुरहीता करीम, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. बबीता शुक्ला, डॉ. अनुभा गुप्ता, डॉ. मीनाक्षी गुप्ता और डॉ. अरुणा छापरिया ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
विज्ञापन


कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन आयोजन समिति की अध्यक्ष डॉ. साधना गुप्ता, डॉ. उषा शर्मा, डॉ. मंजू गीता मिश्रा और आइसोपार्ब की सचिव डॉ. मीना सामंत ने किया। वक्ताओं के मुताबिक कभी-कभी तो गर्भ में ही शिशु का निधन हो जाता है जिसे इंट्रायूटरिन फीटल डेथ कहते हैं। ऐसी स्थिति में मां को संक्रमण, ब्लीडिंग, शॉक व अन्य खतरे होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। शनिवार को पहले दिन 75 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए। इनमें से तीन बेहतर रिसर्च पेपर को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सही समय पर इलाज बेहद जरूरी : डॉ. वत्सला
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वत्सला ने बताया कि कुछ बीमारियां जैसे ब्लड प्रेशर, आरएच निगेटिव ब्लड ग्रुप, शुगर, हाइपरटेंशन, संक्रमण अगर गर्भावस्था के दौरान हो जाती हैं तो स्टिलबर्थ होने की आशंका बढ़ जाती है। अगर गर्भवती का ब्लड ग्रुप आरएच निगेटिव है, तो उन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed