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Gorakhpur News: डीडीयू में इसी सत्र से शुरू हो जाएगी फार्मेसी की पढ़ाई,नहीं जाना होगा घर- शहर से दूर
Sun, 12 May 2024 11:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2024 11:53 AM IST
सार
विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की स्थापना फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत होनी है। इसके सुचारू संचालन के लिए रसायन शास्त्र विभाग के प्रो. सोम शंकर को निदेशक नियुक्त किया गया है। फार्मेसी से जुड़े प्रस्ताव को आगामी 24 मई को होने वाली विद्या परिषद की बैठक में भी रखा जाएगा।
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डीडीयू
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 से ही फार्मेसी की भी पढ़ाई होगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्वविद्यालय ने सीटों की संख्या को तय कर लिया है। डी फार्मा और बी-फार्मा में 60-60 सीटें होंगी। जल्द ही विद्या परिषद की बैठक में इसे स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
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साथ ही जल्द ही पीसीआई (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया) की टीम निरीक्षण के लिए आ सकती है। विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी का संचालन पूर्वांचल विकास बोर्ड वाले भवन में होगा। वहां से पूर्वांचल विकास बोर्ड के दफ्तर को हटाकर जीरो वेस्ट सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है।
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अब यह बिल्डिंग पूरी तरह खाली हो गई है। फार्मेसी की बिल्डिंग में इंक्यूबेशन सेंटर के लिए भी जगह दी जाएगी। फार्मेसी की जरूरत के अनुसार लैब और क्लास रूम का काम शुरू हो गया है। जल्द ही फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम इसका निरीक्षण कर सकती है। उससे हरी झंडी मिलने के बाद विश्वविद्यालय इसके लिए प्रवेश शुरू कर देगा।
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बी और डी-फार्मा में 60 सीटें
इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के अंतर्गत बैचलर इन फार्मेसी और डिप्लोमा इन फार्मेसी के पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। दोनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें होंगी। पहले साल पढ़ाई के लिए छह लैब तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद इसे बढ़ाकर 12 कर दिया जाएगा।
लैब के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद शुरू हो गई है। इसके साथ ही पाठ्यक्रम से संबंधित किताबों की खरीदारी की भी शुरुआत हो गई है। बता दें कि फार्मेसी के संचालन के लिए विश्वविद्यालय ने एक करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया था।
प्रो. सोम शंकर बने निदेशक
विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की स्थापना फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत होनी है। इसके सुचारू संचालन के लिए रसायन शास्त्र विभाग के प्रो. सोम शंकर को निदेशक नियुक्त किया गया है। फार्मेसी से जुड़े प्रस्ताव को आगामी 24 मई को होने वाली विद्या परिषद की बैठक में भी रखा जाएगा।
अगले सत्र तक तैयार हो जाएगी एक और मंजिल
फार्मेसी की शुरुआत में दो बैच ही होंगे, ऐसे में इनकी कक्षाएं इस भवन में संचालित हो जाएंगी। लेकिन अगले सत्र से दो बैच और बढ़ने के बाद इसमें समस्या आ सकती है। इसके लिए विश्वविद्यालय, पूर्वांचल विकास बोर्ड वाले भवन में एक और मंजिल बनाने जा रहा है। अगले साल तक यह तैयार हो जाएगी।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय में इसी सत्र से फार्मेसी की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसको लेकर तैयारियां काफी तेज हैं। बी फार्मा और डी-फार्मा के लिए सीटों का निर्धारण हो गया है। इसको जल्द ही विद्या परिषद की बैठक में रखा जाएगा। पीसीआई से अनुमोदन मिलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।