ग्राम्य विकास अधिकारी की गलती: पीएफ अंशदान जमा नहीं, 16 करोड़ वसूले
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त शशांक जायसवाल ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मनरेगा कर्मियों का अंशदान 2015 से 2017 के बीच का बकाया था। नोटिस के बाद भी बकाया अंशदान जमा नहीं करने पर 7-ए की कार्रवाई करते हुए पीएफ अंशदान का निर्धारण किया गया।
विस्तार
गोरखपुर, बस्ती और श्रावस्ती मंडल के 11 जिलों में ग्राम्य विकास विभाग की लापरवाही के चलते करीब 50 हजार से अधिक मनरेगा कर्मियों के दो वर्षों के पीएफ का अंशदान जमा ही नहीं हुआ। यह रकम करीब 16 करोड़ रुपये है। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय ने नोटिस पर संज्ञान नहीं लेने के बाद 7-ए के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए 15.71 करोड़ रुपये वसूल लिए हैं। बस्ती और देवरिया में पीएफ का अंशदान जमा नहीं हो पाया है। वहां भी अंशदान वसूलने की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष अप्रैल 2015 से मनरेगा कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में लाया गया। इसके बाद ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत मनरेगा श्रमिकों, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवकों के साथ ही अन्य संविदा कार्मिकों का भविष्य निधि अंशदान जमा कराएं। लेकिन ग्राम्य विकास विभाग ने इस आदेश को नजरअंदाज कर दिया और कर्मियों के भविष्य निधि का अंशदान जमा नहीं कराया।
इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय ने नोटिस जारी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिर कर्मचारी भविष्य निधि के क्षेत्रीय कार्यालय ने गोरखपुर, श्रावस्ती, बहराइच, संतकबीरनगर, बलिया, बलरामपुर, कुशीनगर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, देवरिया और बस्ती जिले के ग्राम्य विकास विभाग के विरुद्ध कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम की धारा-7 ए के अंतर्गत कार्रवाई की।
करीब 15.96 करोड़ की राशि का निर्धारण किया गया और सभी ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि निर्धारित धनराशि को कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय में जमा कराया जाए। इसके बाद भी ग्राम्य विकास विभाग की ओर से बकाया धनराशि जमा नहीं कराई गई। पीएफ विभाग ने धनराशि के वसूली के लिए सभी ग्राम्य विकास विभाग के खिलाफ आरसी जारी की गई।
आरसी जारी करने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय आयुक्त ने ग्राम्य विकास विभाग और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, लखनऊ के बैंक खाता को अटैच कर कुल 15.71 करोड़ राशि की वसूली कर ली। देवरिया और बस्ती जिले से वसूली की जानी है। जल्द ही इन दोनों जिलों से भी वसूली की कार्रवाई पूरी करने में विभाग जुटा है।
चलाया जा रहा है विशेष वसूली अभियान
कर्मचारी भविष्य निधि द्वारा बकाया भविष्य निधि राशि की वसूली के लिए जनवरी, फरवरी और मार्च में विशेष वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ऐसे सभी संस्थानों जिनके उपर कर्मचारी भविष्य निधि सदस्यों के अंशदान से संबंधित बकाया है। साथ ही ब्याज व क्षतिपूर्ति से संबंधित राशि बकाया है उनसे बकाया वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त शशांक जायसवाल ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मनरेगा कर्मियों का अंशदान 2015 से 2017 के बीच का बकाया था। नोटिस के बाद भी बकाया अंशदान जमा नहीं करने पर 7-ए की कार्रवाई करते हुए पीएफ अंशदान का निर्धारण किया गया। फिर ग्राम्य विकास विभाग के खाते से बकाया धनराशि की वसूली की गई है। जल्द ही सभी जिलों से वसूली की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
| जिला | रकम (रुपये में ) |
| गोरखपुर | 2,09,03019 |
| देवरिया | 1,77,19,565 |
| कुशीनगर | 2,96,81,894 |
| श्रावस्ती | 32,82,556 |
| बलरामपुर | 1,31,31,143 |
| गोंडा | 2,22,78,044 |
| बहराइच | 1,69,33,516 |
| बस्ती | 1,91,44,902 |
| सिद्धार्थनगर | 202,99,234.5 |
| संतकबीरनगर | 1,43,07,096 |
| बलिया | 1,63,12,956 |
| योग | 15,96,11,863 |