बदल रहा गोरखपुर: नए साल में मिलेगी पेप्सिको प्लांट की सौगात, 10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार!
गीडा सीईओ पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि इनवेस्टर्स समिट में गोरखपुर को 1.71 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्हें अब धरातल पर उतारा जा रहा है। गीडा के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
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पूर्वांचल में नए औद्योगिक केंद्र के तौर पर उभर रही गोरक्षनगरी को नए साल में 1100 करोड़ रुपये के निवेश वाले पेप्सिको प्लांट की सौगात मिलेगी। गीडा में बन रहा प्लांट दिसंबर तक तैयार हो जाएगा। जनवरी में साॅफ्ट ड्रिंक और चाॅकलेट का उत्पादन भी शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इसके चालू होने से 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस साल अप्रैल में पेप्सिको के प्लांट का शिलान्यास किया था। पेप्सिको का करीब 1100 करोड़ रुपये के निवेश से 50 एकड़ में प्लांट तैयार हो रहा है। इससे बड़ा प्लांट आंध्र प्रदेश के संगारेड्डी में है। इसके शुरू होने पर 1500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि इस प्लांट में सॉफ्ट ड्रिंक्स, फ्रूट पल्प बेस्ड ड्रिंक्स, मिल्क बेस्ड प्रोडक्ट्स का उत्पादन होगा। आइसक्रीम और मिल्क बेस्ड अन्य प्रोडक्ट्स के लिए प्लांट को दूध की जरूरत होगी। अनुमान है की दूध आपूर्ति व अन्य कार्य से जुड़कर करीब 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रोजगार मिलेगा।
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एथेनाल व अल्कोहल फैक्टरी का भी निर्माण शुरू
गीडा क्षेत्र में एथेनाल व अल्कोहल फैक्टरी का भी निर्माण शुरू हो गया है। बाउंड्रीवॉल बना ली गई है और वर्तमान में 51 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। एथेनाल व अल्कोहल फैक्टरी लगाने के लिए कियान डिस्टीलरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरफ से 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कंपनी के एमडी विनय सिंह ने बताया कि फैक्टरी का निर्माण तीन साल में पूरा होगा। इसमें करीब 1200 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। एथेनाल निर्माण के लिए शीरे का उपयोग किया जाता है। इसका फायदा गन्ना किसानों को मिलेगा।
फैक्टरी के प्रशासनिक प्रबंधक आत्मानंद सिंह ने बताया कि परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 51 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले भी यहां नौ हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। इस तरह प्लांट से उत्पादन शुरू होने पर यहां 60 हजार पेड़ों की छांव होगी।
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कोला की फैक्टरी को मिलेगा 30 एकड़
पेप्सिको की तरह ही मशहूर ब्रांड कोला भी यहां अपना प्लांट लगाना चाहता है। इसके लिए 30 एकड़ जमीन प्रस्तावित है। हालांकि, अभी कंपनी की तरफ से जमीन फाइनल नहीं की गई है। कुछ दिन पहले गीडा के अफसरों से जमीन की मांग की गई थी, लेकिन बात अभी आगे नहीं बढ़ सकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कंपनी के अधिकारी भी जमीन के लिए प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस फैक्टरी के लग जाने से पूर्वांचल साॅफ्ट ड्रिंक्स का बड़ा हब बना जाएगा।
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बदलते गोरखपुर में बढ़ा है निवेशकों का भरोसा
गोरखपुर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा में नई-नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। माहौल बदलने से उद्यमी गोरखपुर में निवेश को आगे आ रहे हैं। पेप्सिको व कियान कंपनी का उत्पादन शुरू होने से इस इंडस्ट्रियल एरिया की पहचान भी बढ़ेगी। जब ज्यादा उद्योग होंगे तब मजदूर भी सहज उपलब्ध होंगे और कच्चा माल भी आसानी से मिलेगा।
प्रस्तावों को अब धरातल पर उतारा जा रहा
गीडा सीईओ पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि इनवेस्टर्स समिट में गोरखपुर को 1.71 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्हें अब धरातल पर उतारा जा रहा है। गीडा के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। जिन निवेशकों ने एमओयू किया है, उन्हें जमीन आवंटित की जा रही है। पेप्सिको कंपनी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।