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शादीशुदा लोगों की जिंदगी में जहर घोल रहा है 'मिस्ड कॉल', जानिए कितनों की उजड़ गई दुनिया

Wed, 02 Sep 2020 05:57 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 02 Sep 2020 05:57 PM IST
सार

  • मिस्ड कॉल के जरिए पहले बात फिर अपनों को धोखा देकर प्रेम के चक्कर में बरबाद हो रहे परिवार
  • गुलरिहा इलाके में दोगुनी उम्र की महिला से प्रेम के चक्कर में इकलौता बेटा बन गया कातिल

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people killed for extra marital affair from missed call in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मिस्ड कॉल के जरिए पहले बात फिर अपनों को धोखा देकर प्रेम की चाह, शादीशुदा लोगों का परिवार बर्बाद कर रहा है। इसके चक्कर में कई लोग अपराध कर रहे हैं, जेल जा रहे हैं और अपने परिवार को बर्बादी की कगार तक पहुंचा दे रहे हैं। ताजा उदाहरण गुलरिहा इलाके की है, जहां इसी चक्कर में एक महिला की हत्या हो गई। आरोपित जेल में है। दोनों के परिवार बिखर गए। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।

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केस एक
शाहपुर के बशारतपुर, अशोकनगर में वर्ष 2016 में आंख के डॉक्टर ओम प्रकाश यादव और उनके चार साल के बेटे शिवा की हत्या हो गई थी। जांच में पता चला कि डॉक्टर की पत्नी अर्चना ने सिकोहाबाद के रहने वाले प्रेमी अजय के साथ मिलकर पहले पति और फिर बेटे को मौत के घाट उतार दिया था। दोनों इस मामले में जेल गए और सजा काट रहे हैं। दोनों का प्यार मिस्ड कॉल से शुरू हुआ था और फिर सोशल मीडिया से परवान चढ़ा था।
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केस दो
12 जुलाई 2018 को खोराबार इलाके के पथरा बड़गो में दयाराम निषाद की घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच शुरू हुई तो पहले जमीन विवाद में हत्या की बात सामने आई। जांच आगे बढ़ा तो पता चला कि दयाराम की पत्नी रिंकी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। फिर प्रेमी ने ही दोस्तों संग गोली मारकर हत्या कर दी थी। रिंकी की भी आरोपित से बातचीत का सिलसिला मिस्ड कॉल के जरिए शुरू हुआ था।
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केस तीन
30 मार्च 2018 को चिलुआताल इलाके के कोइलहवा में व्यापारी विनोद शर्मा की हत्या भी कुछ इसी वजह से हुई थी। पुलिस ने पर्दाफाश कर शिक्षिका पत्नी आशा को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसने ऑटो चालक प्रेमी संदीप से हत्या कराई थी। दरअसल, कुशीनगर में शिक्षक आशा के आने-जाने के लिए पति ने ऑटो की व्यवस्था की थी। इसी दौरान संदीप और शिक्षिका में प्रेम हो गया। दोनों ने मिलकर साजिश रची और आशा के पति की हत्या कर दी गई।

केस चार
वर्ष 2018 के मई में कैंपियरगंज इलाके में एक महिला का शव मिला था। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मिस्ड कॉल के जरिए जिस युवक से पहले बात फिर प्रेम हुआ, उसीने महिला की हत्या कर दी। महिला का पति विदेश रहता था। मोबाइल फोन पर दोनों घंटों बातचीत करते थे। एक दूसरे से मिलने भी लगे। बाद में खुद को फंसता देख युवक ने महिला की हत्या कर कैंपियरगंज इलाके में जंगल में उसका शव फेंक दिया था।

जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा इलाके के रघुनाथपुर, मिरचाईन टोला में 27 अगस्त की सुबह हत्या कर फेंकी गई महिला का शव मिला था। पुलिस ने जांच शुरू की तो उसकी पहचान देवरिया की रहने वाली 35 वर्षीय पूनम के रूप में हुई। पूनम की शादी करीब 17 साल पहले हुई थी। पति विदेश में रहकर कमाते हैं।

पूनम की बेटी 14 साल की है तो बेटा 11 साल का। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की उम्र महज 19 साल है। इंटर का छात्र है और मां-बाप का इकलौता बेटा। महिला और आरोपी में बातचीत का सिलसिला मिस्ड कॉल से शुरू हुआ था। बाद में दोनों में प्रेम हो गया। इस चक्कर में पूनम ने अपनी जिंदगी गंवा दी तो आरोपी ने कॅरिअर। दोनों परिवार भी बिखर गए।

महिला थाने में रोजाना आती है तीन से चार शिकायतें
महिला थाने में इस तरह के तीन-चार मामले रोजाना आते हैं। किसी मामले में पति अपनी पत्नी पर आरोप लगाता है तो किसी में पत्नी अपने पति पर। महिला थाने की एसओ अर्चना सिंह बताती है कि कई ऐसे मामले आते हैं, जिसमें पता चलता है कि मामले की वजह मोबाइल फोन पर दूसरों से बातचीत पर आपत्ति है। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग कर उनके परिवार को बचाने की कोशिश की जाती है, जहां जरूरत होती है, केस दर्ज कर कार्रवाई भी की जाती है।

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्री प्रो. मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आमतौर पर ऐसा तब ही होता है, जब पति-पत्नी एक दूसरे को वक्त नहीं दे पाते। दोनों एक दूसरे से अच्छा व्यवहार नहीं करते, ऐसे में बीच में अगर कोई तीसरा मिल गया तो जुड़ाव हो जाता है। इन परिस्थितियों में लोकलाज सहित सभी बंदिशें टूट जाती हैं। बात आगे बढ़ने पर इसके खतरनाक परिणाम सामने आते हैं।

साइकोलॉजिस्ट डॉ. गोपाल अग्रवाल ने बताया कि मनोभावों पर नियंत्रण नहीं होना इस तरह के मामलों में प्रमुख वजह है। ऐसे में लोगों को सही-गलत का ध्यान भी नहीं रहता। ऐसी मनोस्थिति बन जाती है कि लोग कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं।

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