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गोरखपुर: पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जल्द पूरी होंगी लंबित विवेचनाएं, एडीजी ने जारी किया आदेश
Thu, 22 Jul 2021 09:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 09:09 AM IST
सार
जोन में 1564 मामलों की विवेचना छह महीने से अधिक समय से हैं लंबित। एसपी, सीओ रैंक के अफसर की निगरानी में निपटाए जा रहे मामले।
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एडीजी जोन अखिल कुमार।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
जोन के पुलिस अफसराें की निगरानी में लंबित मामलों की विवेचनाएं जल्द पूरी की जाएंगी। इसके लिए एडीजी जोन अखिल कुमार ने ऑपरेशन तफ्तीश चलाने का आदेश दिया है। इस काम में एसपी, सीओ रैंक के अफसरोें की भी मदद ली जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, जालसाजी या अन्य केस जिसकी विवेचना काफी समय से लंबित होने पर पुलिस पर सवाल उठते हैं। ऐसे मामलों को निपटाने के लिए एडीजी ने पहल की है। एडीजी ने जोन के सभी एसएसपी, एसपी को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले में ऐसी विवेचनाओं की सूची तैयार कर लें, जिसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा सके।
उनका मानना है कि केस दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई न होने से लोगों का भरोसा पुलिस पर कम हो जाता है। पीड़ित बार-बार अफसरों के यहां चक्कर काटकर परेशान होते हैं। एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि ऑपरेशन तफ्तीश के तहत पुराने मामलों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। हर जिले में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।
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ये हैं लंबित मामले
गोरखपुर में 992, देवरिया में 41, कुशीनगर में 256, महराजगंज में 55, बस्ती में 37, संतकबीरनगर 31, सिद्धार्थनगर में 21, गोंडा में 34, बलरामपुर में 26, बहराइच में 54, श्रावस्ती में 15
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जानकारी के मुताबिक, जालसाजी या अन्य केस जिसकी विवेचना काफी समय से लंबित होने पर पुलिस पर सवाल उठते हैं। ऐसे मामलों को निपटाने के लिए एडीजी ने पहल की है। एडीजी ने जोन के सभी एसएसपी, एसपी को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले में ऐसी विवेचनाओं की सूची तैयार कर लें, जिसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा सके।
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उनका मानना है कि केस दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई न होने से लोगों का भरोसा पुलिस पर कम हो जाता है। पीड़ित बार-बार अफसरों के यहां चक्कर काटकर परेशान होते हैं। एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि ऑपरेशन तफ्तीश के तहत पुराने मामलों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। हर जिले में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।
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ये हैं लंबित मामले
गोरखपुर में 992, देवरिया में 41, कुशीनगर में 256, महराजगंज में 55, बस्ती में 37, संतकबीरनगर 31, सिद्धार्थनगर में 21, गोंडा में 34, बलरामपुर में 26, बहराइच में 54, श्रावस्ती में 15