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गोरखपुर: सड़क के किनारे से हटाया गया अतिक्रमण, लोगों ने जमकर किया हंगामा
Tue, 11 Feb 2020 09:27 PM IST
हरीशचंद सिंह
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: हरीशचंद सिंह
Updated Tue, 11 Feb 2020 09:27 PM IST
सार
- फोरलेन निर्माण के दौरान धर्मशाला चौराहे से गोरखनाथ मंदिर रोड पर हटाया गया अतिक्रमण
- लोगों का आरोप पहले तीन मीटर पर की गई मार्किंग फिर कर दिया गया पांच मीटर
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धर्मशाला से गोरखनाथ रोड पर अतिक्रमण हटाने पर लोगों ने किया हंगामा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक फोरलेन निर्माण के दौरान धर्मशाला बाजार के पास साढ़े तीन मीटर की मार्किंग के बावजूद पांच मीटर अंदर तक घर तोड़ने के अल्टीमेटम के विरोध में धर्मशाला बाजार चौराहा निवासियों ने प्रदर्शन जमकर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ स्थानों पर सड़क कुछ अंदर तक तोड़ने की आवश्यकता है।
मंगलवार को तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित के नेतृत्व में टीम धर्मशाला बाजार पहुंची। जिला प्रशासन की ओर से की गई मार्किंग के अनुसार अधिकतर दुकानदार साढ़े तीन मीटर तक खुद ही अपने मकान और दुकान तोड़ रहे थे, लेकिन इसी बीच उन्हें पांच मीटर तक दुकान मकान तोड़ने का अल्टीमेेटम दे दिया। इसके बाद लोगों ने वहां प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
स्थानीय निवासी राजेश तिवारी और मुकेश कुमार ने कहा कि पिछले 60-65 सालों से रह रहे हैं। भूमि की रजिस्ट्री है। इसके बावजूद मकान को तोड़ा जा रहा है। पहले बताया गया था कि मात्र तीन मीटर अंदर तक मकान दुकान तोड़ा जाना है। खुद ही इसे तोड़ रहे थे, लेकिन बाद में पांच मीटर अंदर तक मकान और दुकानों को तोड़ने की बात की जाने लगी है। इस बात का विरोध है।
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मंगलवार को तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित के नेतृत्व में टीम धर्मशाला बाजार पहुंची। जिला प्रशासन की ओर से की गई मार्किंग के अनुसार अधिकतर दुकानदार साढ़े तीन मीटर तक खुद ही अपने मकान और दुकान तोड़ रहे थे, लेकिन इसी बीच उन्हें पांच मीटर तक दुकान मकान तोड़ने का अल्टीमेेटम दे दिया। इसके बाद लोगों ने वहां प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
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स्थानीय निवासी राजेश तिवारी और मुकेश कुमार ने कहा कि पिछले 60-65 सालों से रह रहे हैं। भूमि की रजिस्ट्री है। इसके बावजूद मकान को तोड़ा जा रहा है। पहले बताया गया था कि मात्र तीन मीटर अंदर तक मकान दुकान तोड़ा जाना है। खुद ही इसे तोड़ रहे थे, लेकिन बाद में पांच मीटर अंदर तक मकान और दुकानों को तोड़ने की बात की जाने लगी है। इस बात का विरोध है।
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