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Gorakhpur News: पांच महीने बाद फिर अपने पैरों पर खड़ा हुआ रीढ़ की गंभीर चोट से पीड़ित मरीज
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गोरखपुर। करीब 20 फीट की ऊंचाई से गिरने के बाद रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट के कारण दोनों पैरों की गति खो चुके 42 वर्षीय व्यक्ति ने पांच महीने बाद फिर से चलना शुरू कर दिया है। एम्स गोरखपुर में उपचार और सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वह स्वतंत्र रूप से चलने के साथ अपने दैनिक कार्य भी कर पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मरीज एक जून 2026 को लगभग 20 फुट की ऊंचाई से गिर गया था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी के दूसरे लंबर कशेरुका (एल-2) में गंभीर फ्रैक्चर और विस्थापन हो गया था। चोट इतनी गंभीर थी कि दोनों पैरों की गति पूरी तरह समाप्त हो गई थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कई अस्पतालों में ले जाया गया। बाद में चार जून 2026 को एम्स गोरखपुर में भर्ती कराया गया। एम्स में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन (टीईएम) विभाग के तहत मरीज का उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद सर्जरी की। इसमें डॉ. अरुण पांडेय, डॉ. अनिल, डॉ. शशि, डॉ. संदीप, डॉ. शिवेंद्र और डॉ. दीपिका शामिल रहे। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। पांच महीने के भीतर उन्होंने दोबारा चलने की क्षमता हासिल कर ली। स्वास्थ्य में सुधार के बाद मरीज अपने परिजन के साथ एम्स गोरखपुर पहुंचे और टीईएम विभाग की टीम से मुलाकात कर आभार जताया।
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जानकारी के अनुसार, मरीज एक जून 2026 को लगभग 20 फुट की ऊंचाई से गिर गया था। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी के दूसरे लंबर कशेरुका (एल-2) में गंभीर फ्रैक्चर और विस्थापन हो गया था। चोट इतनी गंभीर थी कि दोनों पैरों की गति पूरी तरह समाप्त हो गई थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कई अस्पतालों में ले जाया गया। बाद में चार जून 2026 को एम्स गोरखपुर में भर्ती कराया गया। एम्स में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन (टीईएम) विभाग के तहत मरीज का उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद सर्जरी की। इसमें डॉ. अरुण पांडेय, डॉ. अनिल, डॉ. शशि, डॉ. संदीप, डॉ. शिवेंद्र और डॉ. दीपिका शामिल रहे। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। पांच महीने के भीतर उन्होंने दोबारा चलने की क्षमता हासिल कर ली। स्वास्थ्य में सुधार के बाद मरीज अपने परिजन के साथ एम्स गोरखपुर पहुंचे और टीईएम विभाग की टीम से मुलाकात कर आभार जताया।
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