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पंचायत चुनाव: दोबारा मतगणना और चुनाव निरस्त करने की हो रही मांग, डीएम ने कहा- आयोग का अधिकार क्षेत्र खत्म
Tue, 25 May 2021 11:02 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 25 May 2021 11:02 AM IST
सार
डीएम का कहना है कि सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के चुनाव संपन्न हो चुके हैं।
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पंचायत चुनाव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 के नतीजे आए 20 दिन से अधिक का समय हो गया, मगर हारे हुए उम्मीदवार अब भी रिटर्निंग ऑफिसरों और जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम के पास दौड़ लगा रहे हैं। कोई दोबारा मतगणना की मांग कर रहा है तो कोई चुनाव निरस्त कराकर फिर से संबंधित पद के लिए चुनाव कराने की बात कर रहा है।
डीएम का कहना है कि सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। चुनाव परिणाम भी घोषित हो गए हैं। परिणाम की घोषणा होने के साथ ही निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है। अब किसी भी तरह की शिकायत पर कोई कार्रवाई, आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है। इसके लिए सक्षम न्यायालय में याचिका दाखिल की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि सदस्य, ग्राम पंचायत और प्रधान के लिए एसडीएम, जबकि क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के परिणाम के खिलाफ जिला जज के न्यायालय में चुनाव याचिका दायर हो सकती है।
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उन्होंने अपील की, कि ऐसे में कोई भी व्यक्ति घोषित चुनाव परिणाम के विरुद्ध आयोग एवं जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रत्यावेदन न देकर सक्षम न्यायालय में इसे चुनौती दे सकता है।
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डीएम का कहना है कि सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। चुनाव परिणाम भी घोषित हो गए हैं। परिणाम की घोषणा होने के साथ ही निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है। अब किसी भी तरह की शिकायत पर कोई कार्रवाई, आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है। इसके लिए सक्षम न्यायालय में याचिका दाखिल की जा सकती है।
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उन्होंने बताया कि सदस्य, ग्राम पंचायत और प्रधान के लिए एसडीएम, जबकि क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के परिणाम के खिलाफ जिला जज के न्यायालय में चुनाव याचिका दायर हो सकती है।
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उन्होंने अपील की, कि ऐसे में कोई भी व्यक्ति घोषित चुनाव परिणाम के विरुद्ध आयोग एवं जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रत्यावेदन न देकर सक्षम न्यायालय में इसे चुनौती दे सकता है।