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ट्रकों से वसूली का मामला: सरगना समेत छह आरोपितों के मांगे गए बैंक रिकॉर्ड
Thu, 20 Feb 2020 12:08 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 Feb 2020 12:08 PM IST
सार
- खातों को पहले ही सीज करा चुकी है एसआईटी, तीन और की तलाश तेज
- दो पीटीओ समेत चार लोगों को एसआईटी ने गिरफ्तार कर भेजा गया था जेल
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के एवज में वसूली मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सरगना धर्मपाल सिंह समेत छह आरोपितों के बैंक रिकॉर्ड को मांगा है। एसआईटी बैंक खातों से हुए लेनदेन को देखकर अन्य आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश में है। आरोपितों के खाते पहले ही सीज कर दिए गए थे। साथ ही एसआईटी ने उन तीन लोगों की तलाश भी तेज कर दी है जिनके खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं।
जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ ने 25 जनवरी को धर्मपाल सिंह समेत छह लोगों को पकड़कर ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर उन्हें बेरोकटोक पास कराने के पूरे खेल का पर्दाफाश किया था। बेलीपार थाने में केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी प्रभारी सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने जांच पड़ताल की कमान संभाली और मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में बस्ती और संतकबीरनगर के पब्लिक पैसेंजर टैक्स आफिसर (पीटीओ) व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन समेत चार लोगों की गिरफ्तारी कर ली।
पुलिस ने फोरलेन पर ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए वसूली करते बस्ती के पीटीओ व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन शैलेंद्र कुमार तिवारी, संतकबीरनगर के पीटीओ व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। बस्ती पीटीओ की प्राइवेट गाड़ी के चालक उत्तम चन्द और देवरिया आरटीओ के सिपाही अनिल कुमार शुक्ला को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनसे पूछताछ के बाद तीन और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य पुलिस के पास मौजूद है। एसआईटी इनके गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
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जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ ने 25 जनवरी को धर्मपाल सिंह समेत छह लोगों को पकड़कर ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर उन्हें बेरोकटोक पास कराने के पूरे खेल का पर्दाफाश किया था। बेलीपार थाने में केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी प्रभारी सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने जांच पड़ताल की कमान संभाली और मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में बस्ती और संतकबीरनगर के पब्लिक पैसेंजर टैक्स आफिसर (पीटीओ) व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन समेत चार लोगों की गिरफ्तारी कर ली।
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पुलिस ने फोरलेन पर ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए वसूली करते बस्ती के पीटीओ व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन शैलेंद्र कुमार तिवारी, संतकबीरनगर के पीटीओ व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। बस्ती पीटीओ की प्राइवेट गाड़ी के चालक उत्तम चन्द और देवरिया आरटीओ के सिपाही अनिल कुमार शुक्ला को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनसे पूछताछ के बाद तीन और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य पुलिस के पास मौजूद है। एसआईटी इनके गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
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व्हाट्सएप के जरिए पास कराते थे ट्रक
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि ट्रक को पास कराने का काम पूरे प्रदेश में चल रहा था। इसके लिए एक ग्रुुप भी बनाया गया था। उस ग्रुप में हर जिले के शामिल अफसर या उसके प्राइवेट आदमी को जोड़ा गया था। ट्रक से वसूली की रकम मिलने के बाद ग्रुप पर ट्रक नंबर के साथ ओके लिखा जाता था। फिर इस ट्रक को कहीं भी पकड़ा नहीं जाता था।
नंबर बदले जाने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ी
आरोपितों ने अपना मोबाइल नंबर बदलकर नए नंबरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पुलिस की जांच में यह अड़चन भी है लेकिन एक-एक नंबर को खंगाल कर पुलिस आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। करीब 35 हजार नंबर एसटीएफ के हाथ लगे थे, उन नंबरों को छांटकर आरोपितों का नंबर अलग करने का काम चल रहा है। पुलिस के सामने तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की भी चुनौती है।
नंबर बदले जाने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ी
आरोपितों ने अपना मोबाइल नंबर बदलकर नए नंबरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पुलिस की जांच में यह अड़चन भी है लेकिन एक-एक नंबर को खंगाल कर पुलिस आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। करीब 35 हजार नंबर एसटीएफ के हाथ लगे थे, उन नंबरों को छांटकर आरोपितों का नंबर अलग करने का काम चल रहा है। पुलिस के सामने तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की भी चुनौती है।
कई ट्रकों के नंबर भी मिले, जांच शुरू
एसआईटी को इस पूरे धंधे में शामिल कई ट्रकों के नंबर मिले है। पुलिस नंबर के आधार पर उसके मालिक तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। पुलिस ट्रक मालिकों को गवाह बनाकर आरोपितों को सजा दिलाने की कोशिश भी कर सकती है।
सरगना धर्मपाल समेत छह लोगों के बैंक रिकॉर्ड मांगे गए हैं। आरोपितों ने मोबाइल नंबर भी बदले हैं मगर एसआईटी जांच में जुटी है। तीन लोगों के नाम भी सामने आए है, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है, जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सुमित शुक्ला, प्रभारी, एसआईटी
सरगना धर्मपाल समेत छह लोगों के बैंक रिकॉर्ड मांगे गए हैं। आरोपितों ने मोबाइल नंबर भी बदले हैं मगर एसआईटी जांच में जुटी है। तीन लोगों के नाम भी सामने आए है, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है, जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सुमित शुक्ला, प्रभारी, एसआईटी