{"_id":"5fe2e402b67fe4062f5de10b","slug":"outer-village-of-gorakhpur-included-in-municipal-corporation-boundary","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर के इन खास गांवों को भी मिलेंगी शहरी सुविधाएं, जानिए कैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर के इन खास गांवों को भी मिलेंगी शहरी सुविधाएं, जानिए कैसे
Wed, 23 Dec 2020 12:00 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:00 PM IST
विज्ञापन
गोरखपुर शहर।
- फोटो : राजेश कुमार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहरीपुर के पास स्थित संझाई गांव को नगर निगम सीमा में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने सोमवार को मंजूरी दे दी है। ऐसे में आने वाले समय में संझाई गांव के लोगों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
शासन की मंजूरी के साथ ही नगर निगम में शामिल होने वाले कुल गांवों की संख्या 32 हो गई है। इस गांव के लोगों ने गांव को नगर निगम में शामिल करने के लिए अभियान चलाया था। इसके बाद शासन से इस गांव को नगर निगम में शामिल करने के लिए औचित्य परीक्षण कराया गया। जिसके आधार पर इस गांव को नगर निगम में शामिल होने के लायक माना गया।
अब ये गांव होंगे नगर निगम में शामिल
संझाई, सिक्टौर तप्पा हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायघाट बुजुर्ग, पथरा, रानीबाघ, गायघाट बुजुर्ग, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुडिला उर्फ मुंडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, करमहा उर्फ कम्हरिया, जंगल तिकोनिया नंबर एक, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा सेयम, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली बेंदुली, कठवतिया उर्फ कठउर, पिपरा तप्पा हवेली, झरवा, हरसेवकपुर नंबर दो, लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा, उमरपुर तप्पा खुटहन, जंगल हकीम नंबर दो।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन की मंजूरी के साथ ही नगर निगम में शामिल होने वाले कुल गांवों की संख्या 32 हो गई है। इस गांव के लोगों ने गांव को नगर निगम में शामिल करने के लिए अभियान चलाया था। इसके बाद शासन से इस गांव को नगर निगम में शामिल करने के लिए औचित्य परीक्षण कराया गया। जिसके आधार पर इस गांव को नगर निगम में शामिल होने के लायक माना गया।
विज्ञापन
अब ये गांव होंगे नगर निगम में शामिल
संझाई, सिक्टौर तप्पा हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायघाट बुजुर्ग, पथरा, रानीबाघ, गायघाट बुजुर्ग, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुडिला उर्फ मुंडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, करमहा उर्फ कम्हरिया, जंगल तिकोनिया नंबर एक, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा सेयम, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली बेंदुली, कठवतिया उर्फ कठउर, पिपरा तप्पा हवेली, झरवा, हरसेवकपुर नंबर दो, लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा, उमरपुर तप्पा खुटहन, जंगल हकीम नंबर दो।
विज्ञापन
मिलने लगेगा शहरी सुविधाओं का लाभ
नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि संझाई गांव को नगर निगम में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कुल 32 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अब तक इन गांवों को नगर निगम में शामिल करने के लिए नोटिफिकेशन नहीं जारी हुआ है। इसका इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद इन गांवों की विकास संबंधी योजना तैयार की जाएगी।
नगर निगम में शामिल होने के बाद सभी 32 गांवों को शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र होने की वजह से इन गांवों में अबतक बहुत ही सीमित फंड से विकास कार्य होते रहे हैं। वहीं नगर निगम में जुड़ने के बाद शहरी विकास संबंधी सरकार की विभिन्न योजनाओं से पक्की सड़क, पेयजल, सीवर, स्ट्रीट लाइट आदि की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। वहीं ये सभी गांव नगर निगम के टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। हाउस टैक्स, सीवर टैक्स और वाटर टैक्स चुकाना होगा। संझाई ेक पूर्व प्रधान भगवती यादव का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद यहां के लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं मिलने लगेंगी। नगर निगम का बजट ज्यादा होने की वजह से नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले इलाकों के विकास की संभावना ज्यादा रहती है।
नगर निगम सीमा विस्तार को 2017 में नगर निगम बोर्ड ने दी थी मंजूरी
वर्ष 2017 में ही नगर निगम बोर्ड ने शहर विस्तार पर मुहर लगा दी थी। उस समय 43 और गांवों तक नगर निगम क्षेत्र का विस्तार करने की तैयारी थी। लेकिन बाद में नगर निगम और राजस्व विभाग के सर्वे के बाद 31 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की सूची तैयार हुई। इसी सूची पर इसी वर्ष अक्तूबर में कैबिनेट ने मुहर लगाई थी। संझाई को भी नगर निगम की सीमा में शामिल करने के लिए गांव के लोगों ने अभियान चलाकर सीएम के पोर्टल पर निवेदन किया था। इसके बाद सोमवार को संझाई गांव को भी शामिल करने को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी।
नगर निगम में शामिल होने के बाद सभी 32 गांवों को शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र होने की वजह से इन गांवों में अबतक बहुत ही सीमित फंड से विकास कार्य होते रहे हैं। वहीं नगर निगम में जुड़ने के बाद शहरी विकास संबंधी सरकार की विभिन्न योजनाओं से पक्की सड़क, पेयजल, सीवर, स्ट्रीट लाइट आदि की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। वहीं ये सभी गांव नगर निगम के टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। हाउस टैक्स, सीवर टैक्स और वाटर टैक्स चुकाना होगा। संझाई ेक पूर्व प्रधान भगवती यादव का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद यहां के लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं मिलने लगेंगी। नगर निगम का बजट ज्यादा होने की वजह से नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले इलाकों के विकास की संभावना ज्यादा रहती है।
नगर निगम सीमा विस्तार को 2017 में नगर निगम बोर्ड ने दी थी मंजूरी
वर्ष 2017 में ही नगर निगम बोर्ड ने शहर विस्तार पर मुहर लगा दी थी। उस समय 43 और गांवों तक नगर निगम क्षेत्र का विस्तार करने की तैयारी थी। लेकिन बाद में नगर निगम और राजस्व विभाग के सर्वे के बाद 31 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की सूची तैयार हुई। इसी सूची पर इसी वर्ष अक्तूबर में कैबिनेट ने मुहर लगाई थी। संझाई को भी नगर निगम की सीमा में शामिल करने के लिए गांव के लोगों ने अभियान चलाकर सीएम के पोर्टल पर निवेदन किया था। इसके बाद सोमवार को संझाई गांव को भी शामिल करने को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी।
दायरा बढ़ने से वार्डों की संख्या बढ़कर 90 तक पहुंचने की उम्मीद
इन 32 गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद नगर निगम का दायरा भी काफी बढ़ जाएगा। जहां अभी नगर निगम का दायरा 147 वर्ग किमी है, वहीं इन गांवों के शामिल होने के बाद नगर निगम का क्षेत्रफल बढ़कर 220 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम की जनसंख्या भी घोषित रूप से 10 लाख से ज्यादा हो जाने की उम्मीद है। अभी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर निगम की जनसंख्या 6.80 लाख है, लेकिन वास्तविक तौर पर देखा जाए तो निगम क्षेत्र की वर्तमान जनसंख्या करीब 12 लाख है। ऐसे में विस्तार के बाद यह 15 लाख तक पहुंच सकती है। वहीं इस विस्तार के बाद वार्डों का नए सिरे से परिसीमन होगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि दो से तीन गांव या मोहल्लों को मिलाकर एक वार्ड बनाया जाए। ऐसे में वार्डों की संख्या 70 से बढ़कर 90 तक हो जाने की संभावना है।
पिछली बार वर्ष 2000 में हुआ था नगर निगम का विस्तार
इससे पहले वर्ष 2000 में नगर निगम का अंतिम बार विस्तार हुआ था। इसके बाद नगर निगम के वार्डों की संख्या बढ़कर 70 हो गई, जबकि इसके पहले निगम में कुल 60 वार्ड थे। उस समय सिंघड़िया, झरना टोला, जेल बाईपास शाहपुर, खजांची चौराहा, राप्तीनगर 10 नंबर बोरिंग, रसूलपुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर, नदी के किनारे के बांध, महेवा, आजाद चौक, पैडलेगंज के बीच का क्षेत्र नगर निगम में था। विस्तार के बाद चारों तरफ एक-एक किलोमीटर का दायरा बढ़ गया था।
पिछली बार वर्ष 2000 में हुआ था नगर निगम का विस्तार
इससे पहले वर्ष 2000 में नगर निगम का अंतिम बार विस्तार हुआ था। इसके बाद नगर निगम के वार्डों की संख्या बढ़कर 70 हो गई, जबकि इसके पहले निगम में कुल 60 वार्ड थे। उस समय सिंघड़िया, झरना टोला, जेल बाईपास शाहपुर, खजांची चौराहा, राप्तीनगर 10 नंबर बोरिंग, रसूलपुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर, नदी के किनारे के बांध, महेवा, आजाद चौक, पैडलेगंज के बीच का क्षेत्र नगर निगम में था। विस्तार के बाद चारों तरफ एक-एक किलोमीटर का दायरा बढ़ गया था।