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UP News: गोरखपुर में वायरल का वार, ओपीडी एक हजार पार
Tue, 18 Oct 2022 01:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 18 Oct 2022 01:54 PM IST
सार
गोरखपुर जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि त्वचा संबंधी बीमारियां भी तेजी से बढ़ी हैं। जिन मरीजों को पहले बुखार था, उनके शरीर में लाल रंग के दाने निकलने की समस्या आ रही है। ऐसे 30 से 40 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
बदल रहे मौसम ने वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार के एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, इमरजेंसी में भी 50 से 60 मरीज इलाज के लिए लाए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इनमें 15 से 20 फीसदी मरीज डेंगू के हैं। सरकारी अस्पतालों में 10 से 15 फीसदी मरीजों को भर्ती तक करना पड़ रहा है। जबकि, अन्य मरीजों का वायरल फीवर मानकर डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
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डेंगू-मलेरिया और वायरल बुखार के बढ़ते मरीजों की वजह से स्वास्थ्य विभाग की बेचैनी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के चार फीवर ओपीडी में प्रतिदिन 500-550 मरीज मलेरिया, डेंगू और टायफायड से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इनमें 50 फीसदी मरीजों का इलाज डॉक्टर वायरल फीवर मानकर कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इन मरीजों में डेंगू, मलेरिया और टायफायड के मरीज अधिक हैं। डेंगू, मलेरिया और सामान्य बुखार के लक्षण लगभग एक जैसे होने से मरीज इसकी गंभीरता नहीं समझ रहे हैं। लेकिन, स्थिति गंभीर होने पर लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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यही वजह है कि 25 से 30 फीसदी मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। बताया कि एक सप्ताह के अंदर बुखार के 40 से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया है। मौजूदा समय में 20 से अधिक मरीज भर्ती हैं, इनमें कई को प्लेटलेट्स चढ़ाना पड़ा है। इसके अलावा एक मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए बीआरडी रेफर करना पड़ा है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंबुज ने बताया कि वायरल फीवर की चार ओपीडी चल रही है। इनमें मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह में बढ़ी है। यही हाल बीआरडी मेडिकल कॉलेज की फीवर ओपीडी का भी है। यहां भी 400 के आसपास मरीज इलाज के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।
वायरल फीवर दे रहा असहनीय दर्द
वायरल फीवर में इस बार डेंगू जैसे लक्षण आ रहे हैं। मरीजों को तेज बुखार आने की वजह से चेहरा लाल पड़ जा रहा है। कमजोरी के साथ कमर तोड़ने वाला दर्द मरीजों को ज्यादा परेशान कर रहा है। हालांकि, जांच में अधिकांश मरीजों की डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। जिला अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि इन मरीजों को ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है।
बुखार के साथ चर्म रोग की भी दिक्कत
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि त्वचा संबंधी बीमारियां भी तेजी से बढ़ी हैं। जिन मरीजों को पहले बुखार था, उनके शरीर में लाल रंग के दाने निकलने की समस्या आ रही है। ऐसे 30 से 40 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की बढ़ी संख्या
सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शहर में करीब 300 से अधिक क्लीनिक और 200 से अधिक अस्पताल है। इनमें करीब 40 फीसदी मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
एक नजर आंकड़ों पर
बुखार के साथ चर्म रोग की भी दिक्कत
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि त्वचा संबंधी बीमारियां भी तेजी से बढ़ी हैं। जिन मरीजों को पहले बुखार था, उनके शरीर में लाल रंग के दाने निकलने की समस्या आ रही है। ऐसे 30 से 40 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की बढ़ी संख्या
सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शहर में करीब 300 से अधिक क्लीनिक और 200 से अधिक अस्पताल है। इनमें करीब 40 फीसदी मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
एक नजर आंकड़ों पर
- डेंगू के मरीज- 59
- जेई/एईएस- 57, एक मौत
- मलेरिया- चार