आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में देरी: 77 फीसदी काम बाकी, पूरा करने के लिए समय केवल 8.5 महीने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से जिले के भटहट के पिपरी में 220 करोड़ रुपये से आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसका शिलान्यास तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर लोक निर्माण विभाग ने कार्यदायी संस्था पर 2.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। कारण, विश्वविद्यालय का निर्माण 23 प्रतिशत ही हो पाया है। यानी 77 फीसदी कार्य बाकी है। जबकि इसी साल सितंबर (8.5 माह में) में इसे बनाकर तैयार करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से जिले के भटहट के पिपरी में 220 करोड़ रुपये से आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसका शिलान्यास तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। विश्वविद्यालय के निर्माण का ठेका विजय निर्माण कंपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को मिला है। फर्म ने इसका निर्माण कार्य मार्च 2022 में शुरू किया था।
धीमी गति से कार्य कराने पर लोक निर्माण विभाग ने कार्यदायी संस्था को नोटिस देकर चेताया था कि काम की गति धीमी और संतोषजनक नहीं है। यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो पेनाल्टी लगाई जाएगी। कई नोटिस के बाद भी जब फर्म ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो लोक निर्माण विभाग ने एक करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगा कर कंपनी के बिल से कटौती कर दी।
लोक निर्माण विभाग के अभियंता के मुताबिक दोबारा काम में शिथिलता बरतने पर फर्म को नोटिस दिया गया। इसके बाद भी काम में सुधार नहीं होने पर फिर 1.10 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाकर मुख्य अभियंता के पास संस्तुति के लिए भेजा है।
आयुष विश्वविद्यालय में नहीं शुरू हो सकी ओपीडी
निर्माण खंड भवन अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण निजी कंपनी विजय करा रही है। समय से कार्य नहीं कराने पर पहले उसे नोटिस दिया गया। फिर भी कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ी तो एक करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो एक करोड़ दस लाख रुपये की पेनाल्टी करने के लिए चीफ के पास स्वीकृति के लिए भेजा है। कार्य में शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी।
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में नए साल में ओपीडी शुरू होने की बात कही जा रही थी, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि ओपीडी संचालन के लिए काम करा रही संस्था ने 10 कमरे का फैसलिटी सेंटर बनवा दिया है, लेकिन उसमें कुछ काम अधूरे रह गए हैं। ऐसी स्थिति में ओपीडी का संचालन नहीं हो पा रहा है। हालांकि ओपीडी के संचालन के लिए विश्वविद्यालय ने तैयारी कर रखी है।
आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह ने बताया कि ओपीडी के लिए पूरी तैयारी है। आठ आयुर्वेद, एक होम्योपैथी और एक यूनानी की ओपीडी चलाई जानी है। शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होना है। उम्मीद है कि फरवरी के पहले सप्ताह में ओपीडी शुरू करा दी जाएगी।