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Gorakhpur News: ऑनलाइन भीड़, ऑफलाइन अकेलापन... डिजिटल दिखावे में अकेले पड़ रहे युवा

Sun, 02 Aug 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 02 Aug 2026 02:34 AM IST
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Online crowds, offline loneliness... Young people are becoming isolated amidst digital posturing.
- डिजिटल दिखावे से दूर दोस्ती की मिसाल बन रहीं बेटियां, चमक रहा कारोबार
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- सोशल मीडिया पर लाइक और कमेंट के चक्कर में तनाव का शिकार हो रहे युवा
गोरखपुर। इस बदलते दौर में युवाओं के सोशल मीडिया पर हजारों दोस्त हैं पर असल जिंदगी में संवाद की कमी है। सोशल मीडिया पर लाइक बटोरते-बटोरते युवा तनाव और अकेलेपन का शिकार हो रहे हैं। डिजिटल दिखावे के बीच शहर की कुछ बेटियों ने सच्ची दोस्ती की मिसाल पेश की है। सोशल मीडिया में समय बर्बाद करने के बजाय इन सहेलियों ने हुनर पहचाना और साथ मिलकर बिजनेस शुरू किया।
वर्चुअल दुनिया में स्क्रीन पर खुलकर बोलने वाले लोग आमने-सामने शब्द नहीं ढूंढ पाते। इसी वजह से दोस्ती गहरी नहीं रह गई। सोशल मीडिया का असर युवाओं की मानसिक सेहत पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने बताया कि जिला अस्पताल में पिछले दो वर्षों में डिप्रेशन, एंग्जायटी और डिजिटल आइसोलेशन के केस 35 से 40 प्रतिशत बढ़े हैं। सोशल मीडिया की लत से परेशान युवा और छात्र हर महीने काउंसिलिंग के लिए आ रहे हैं।
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डॉ. शाही ने बताया कि सोशल मीडिया ऐप्स ऐसे डिजाइन किए गए हैं कि लाइक, कमेंट और रील पर दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है। इसी क्षणिक खुशी के कारण युवा इनके आदी हो जा रहे हैं। इस मानसिक तनाव से बचने के लिए युवाओं को रोजाना बातचीत का जरिया ढूंढना चाहिए। इसके लिए वे सोशल मीडिया पर चैट करने के बजाय अपने दोस्तों से फोन पर सीधे बात करें या उनसे आमने-सामने मिलें।
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मैगी और चाय के स्वाद से आत्मनिर्भरता का सफर :
बरगदवा की रहने वाली वर्तिका उपाध्याय ने अपनी दो सहेलियों के साथ एक नया सफर शुरू किया है। डीडीयू के सामने यह सहेलियां मिलकर मैगी और चाय का एक स्टॉल चलाती हैं। समय बर्बाद करने की जगह इन सहेलियों ने मेहनत को हथियार बनाया और एक-दूसरे का साथ दिया। इनका यह स्टार्टअप आज की युवा पीढ़ी के लिए सीख है। वर्तिका का कहना है कि सच्चे दोस्त वही होते हैं जो आपकी तरक्की में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें।

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कैनवास पर उकेरी अटूट दोस्ती और कामयाबी की कहानी :
तारामंडल की प्रिया शुक्ला और उनकी सहेली कात्यायिनी की जोड़ी पिछले पांच साल के अटूट भरोसे के साथ अपना पेंटिंग और क्राफ्टिंग का बिजनेस चला रही हैं। इनका यह खूबसूरत स्टॉल महीने में दो बार शनिवार और रविवार को सजता है। यहां इनके हाथ से बनी कलाकृतियां और क्राफ्ट्स लोगों का दिल जीत लेते हैं। कात्यायिनी का कहना है कि जब दोस्त सोशल मीडिया से निकलकर सपनों के लिए मेहनत करते हैं तो सफलता तय है।
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