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सफर की अधूरी खुशी: दिल्ली के सफर में अभी और झेलनी पड़ेगी सांसत, वंदेभारत की है उम्मीद
Thu, 23 Mar 2023 12:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Mar 2023 12:54 PM IST
सार
देशभर में चलाई जा रही हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन के चलने की उम्मीद है। सभी जोन में एक-एक ट्रेन चलाई जा रही है। गोरखपुर से ट्रेन को चलाए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए गोरखपुर में वर्कशाप भी तैयार किया जा रहा है। लेकिन, इस ट्रेन को चलाने में भी एक वर्ष से ज्यादा का समय लगेगा।
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आपातकालीन खिड़की से ट्रेन के अंदर दाखिल होता यात्री।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
दिल्ली के सफर में यात्रियों को अभी और मुसीबत झेलनी पड़ेगी। ट्रैक को दुरुस्त करने और एक ट्रैक पर आगे पीछे ट्रेनों को चलाने के लिए चल रहे ऑटोमेटिक इंटरलॉकिंग सिग्नलिंग सिस्टम को पूरा होने में दो वर्ष का समय लग जाएगा। इसके बाद ही नई ट्रेनों को चलाना संभव हो पाएगा। वहीं, सभी ट्रेनों में एलएचबी कोच भी लगाए जाएंगे, इससे रेक की संरचना बदल जाएगी। स्लीपर और जनरल के कोच कम हो जाएंगे।
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ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए छपरा से गोरखपुर तक ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाना है। इस व्यवस्था से ट्रेनें एक ही ट्रैक पर एक किमी की दूरी में आगे-पीछे चल सकेंगी। इससे नई ट्रेनों को चलाने में आसानी होगी। डोमिनगढ़ से टिनिच तक टेंडर फाइनल हो चुका है, गोरखपुर कैंट से भटनी और टिनिच से गोंडा तक कार्य का टेंडर सप्ताह भर में फाइनल होगा।
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गोंडा-लखनऊ, भटनी-छपरा ग्रामीण तक टेंडर अगले महीने निकाला जाएगा। इस काम को दो साल में पूरा कराना है। वहीं, तीसरी लाइन का काम भी चल रहा है। यह काम भी दो वर्ष के पहले पूरा नहीं हो पाएगा। जब ये काम हो जाएंगे, तभी दिल्ली के लिए नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
वंदेभारत की है उम्मीद
देशभर में चलाई जा रही हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन के चलने की उम्मीद है। सभी जोन में एक-एक ट्रेन चलाई जा रही है। गोरखपुर से ट्रेन को चलाए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए गोरखपुर में वर्कशाप भी तैयार किया जा रहा है। लेकिन, इस ट्रेन को चलाने में भी एक वर्ष से ज्यादा का समय लगेगा।
एक एलएचबी कोच में सीटों की संरचना
अब ऐसी होगी 22 कोच की रेक संरचना
प्रमुख ट्रेनें जिनमें लगे एलएलबी कोच
गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस, गोरखपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस, गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट, राप्तीसागर एक्सप्रेस, गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, कृषक एक्सप्रेस, गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस।
एक एलएचबी कोच में सीटों की संरचना
| श्रेणी | संख्या |
| जनरल | 105 |
| स्लीपर | 80 |
| एसी 3 | 80 |
अब ऐसी होगी 22 कोच की रेक संरचना
| श्रेणी | पहले | अब |
| जनरल | 04 | 02 |
| स्लीपर | 07 | 02 |
| एसी-3 | 06 | 10 |
| एसी-2 | 02 | 04 |
| एसी-1 | 01 | 01 |
| पेंट्री कार | 01 | 01 |
| पावर कार/ गार्ड डिब्बा | -- | 01 |
| गार्ड डिब्बा | -- | 01 |
प्रमुख ट्रेनें जिनमें लगे एलएलबी कोच
गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस, गोरखपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस, गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट, राप्तीसागर एक्सप्रेस, गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, कृषक एक्सप्रेस, गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस।