गोरखपुर विश्वविद्यालय: DDU में लागू होगा एक व्यक्ति एक पद का फार्मूला, कुलपति प्रो. पूनम ने कही ये बड़ी बात
कुलपति प्रो. टंडन मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे दिन प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हाॅल में पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट को इंटरैक्टिव बनाया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय कैंपस और संबद्ध करीब 300 से ज्यादे महाविद्यालयों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को सभी सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हों।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई का बेहतर माहौल उनकी पहली प्राथमिकता होगी। विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उनके मुद्दे व समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। साथ ही सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी रोजाना 4 से 5 बजे छात्रों से मुलाकात कर उनकी बातों को सुनेंगे। वहीं विश्वविद्यालय में एक व्यक्ति एक पद का फार्मूला लागू करने के साथ छात्रों के लिए इंटर्नशिप स्कीम लागू की जाएगी।
कुलपति प्रो. टंडन मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे दिन प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हाॅल में पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट को इंटरैक्टिव बनाया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय कैंपस और संबद्ध करीब 300 से ज्यादे महाविद्यालयों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को सभी सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हों।
कुलपति ने कहा कि समय पर परीक्षा और परिणाम प्रमुख प्राथमिकता होगी। विद्यार्थियों को त्रुटिरहित मार्कशीट व डिग्री दिलाई जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को इधर-उधर भटकना न पड़े।
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गोविवि में पेड व अनपेड इंटर्नशिप की स्कीम
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में इंटर्नशिप की स्कीम विभिन्न विभागों जैसे मीडिया ऑफिस, लाइब्रेरी आदि में लागू की जाएगी। इसमें पेड और अनपेड दोनों प्रकार की इंटर्नशिप होगी।
मेंटरशिप योजना की होगी शुरुआत
प्रो. टंडन ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए मेंटरशिप योजना शुरू की जाएगी, जिसमें वरिष्ठ विद्यार्थी नवागत विद्यार्थियों की मेंटरशिप करेंगें।
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हैप्पीनेस लैब की होगी स्थापना
कुलपति ने कहा कि मनोविज्ञान विभाग के अंतर्गत हैप्पीनेस लैब की स्थापना की जाएगी। इस लैब का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में तनाव को कम करना है। लैब में मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग की व्यवस्था होगी।
रैंकिंग सेल का होगा गठन
कुलपति प्रो टंडन ने कहा कि रैंकिंग सेल का गठन किया जाएगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय पूरी तैयारी के साथ एनआईआरएफ, क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग और अन्य अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सहभागिता करेगा।
शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर होगा जोर
कुलपति ने कहा कि शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण पर नई शिक्षा नीति के तहत जोर दिया जाएगा। विदेश के छात्रों को आकर्षित किया जाएगा। एडमिशन ब्रॉउचर को दूसरे देशों की एम्बेसी को भेजा जाएगा। जॉइंट डिग्री प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। किसी भी शैक्षणिक संस्था की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय छवि को निखारने में गुणवत्तापूर्ण शोध प्रमुख भूमिका निभाती है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा और पूरा सहयोग दिया जाएगा। बेहतर प्रोजेक्ट्स लाने वाले शिक्षकों के लिए प्रोन्नति स्कीम लाई जाएगी।
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शोधार्थियों की समस्याओं का होगा समाधान
कुलपति ने कहा कि शोधार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उनसे मुलाकात कर उनकी बातों को सुनकर समस्या का त्वरित निस्तारण कर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, मानदेय भुगतान का आदेश
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक भवन समेत विभिन्न विभागों में करीब तीन सौ आउटसोर्सिंग कर्मचारी तैनात हैं। नियमित मानदेय नहीं मिलने से वे परेशान चल रहे थे। वर्तमान में उनका मार्च माह से अबतक का मानदेय बकाया था। मानदेय नहीं मिलने से वे काफी परेशान थे। पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह से भी वह मुलाकात कर मानदेय की गुहार लगा चुके थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
मंगलवार को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। कुलपति ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल फाइल मंगवाई और उनका तीन माह का मानदेय देने का आदेश जारी कर दिया। इसके अलावा उन्होंने जिम्मेदारों को प्रत्येक माह के निर्धारित एक तिथि पर उनका मानदेय भेजने का निर्देश दिया।