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लापरवाही : फिर सफदरजंग अस्पताल से मरीज पहुंचा गोरखपुर, पूरा परिवार हुआ क्वारंटीन
Wed, 29 Apr 2020 10:05 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 29 Apr 2020 10:05 AM IST
सार
- हवा-हवाई साबित हुए सीमा सील करने और चेकिंग के दावे
- तीन दिन पहले इसी तर्ज पर आया था सफदरजंग अस्पताल से कोरोना पॉजिटिव मरीज
- एंबुलेंस से पूरा परिवार दिल्ली से आया, किसी ने रोका-टोका नहीं
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एंबुलेंस की जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
हाईअलर्ट-सीमा सील होने जैसे बड़े-बड़े दावों के बीच मंगलवार को एक बार फिर एक मरीज सफदरजंग अस्पताल दिल्ली से अपने गांव पहुंच गया और किसी ने रोका-टोका तक नहीं। तीन दिन पहले सहजनवां बैरियर पर चेकिंग में ऐसी ही लापरवाही के चलते सफदरजंग अस्पताल से एक कोरोना पॉजिटिव मरीज एबुंलेस से हाटा बुजुर्ग गांव पहुंच गया था।
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इस घातक लापरवाही पर सोमवार को ही तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इस मामले में पुलिस का दावा है कि एंबुलेंस चालक को सीधे अस्पताल जाने की हिदायत दी गई थी, मगर वह गांव चला गया।
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फिलहाल, मरीज व उसके परिवार को टीबी अस्पताल में क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्यकर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी। इसके बाद सीओ, कोतवाल और जिला अस्पताल के डॉ राजेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था ठीक कराई। सबकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार इस व्यक्ति के लीवर में संक्रमण है, जिसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। मूलत: बांसगांव के भैंसा रानी गांव का रहने वाला यह मरीज, कई साल से परिवार समेत दिल्ली में रह रहा था।
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23 हजार रुपये में एंबुलेंस तय
सफदरजंग अस्पताल में हालत में सुधार होते न देखकर परिजनों ने 23 हजार रुपये में एंबुलेंस तय की और मंगलवार को अपने गांव आ गए। एंबुलेंस में मरीज के साथ उसकी पत्नी, दो बेटी और तीन साल का पोता भी था।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ टीएन बर्नवाल ने बताया कि ये सभी गांव पहुंचे तो वहां गांव वालों ने विरोध किया। इस पर प्रधान सभी को बांसगांव सीएचसी ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। उसी एंबुलेंस से सभी लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।
जिला अस्पताल में जांच के बाद सबको नंदा नगर स्थित 100 बेड के टीबी अस्पताल में क्वारंटीन करवा दिया । जांच करने वाले डॉ राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं हैं। एहतियातन क्वारंटीन किया गया है।
अस्पताल की जगह बांसगांव चली गई थी एंबुलेंस
सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने पूरे मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि दिल्ली से एंबुलेंस के जरिए आए मरीज की सहजनवा बैरियर पर जांच हुई थी और एंबुलेंस नंबर दर्ज भी किया गया था। पुलिस ने सीधे जिला अस्पताल जाने की हिदायत दी थी मगर एंबुलेंस चालक घर वालों के कहने पर एंबुलेंस लेकर सीधे बांसगांव चला गया और हंगामा होने के बाद फिर जिला अस्पताल में लाया गया।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ टीएन बर्नवाल ने बताया कि ये सभी गांव पहुंचे तो वहां गांव वालों ने विरोध किया। इस पर प्रधान सभी को बांसगांव सीएचसी ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। उसी एंबुलेंस से सभी लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।
जिला अस्पताल में जांच के बाद सबको नंदा नगर स्थित 100 बेड के टीबी अस्पताल में क्वारंटीन करवा दिया । जांच करने वाले डॉ राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं हैं। एहतियातन क्वारंटीन किया गया है।
अस्पताल की जगह बांसगांव चली गई थी एंबुलेंस
सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने पूरे मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि दिल्ली से एंबुलेंस के जरिए आए मरीज की सहजनवा बैरियर पर जांच हुई थी और एंबुलेंस नंबर दर्ज भी किया गया था। पुलिस ने सीधे जिला अस्पताल जाने की हिदायत दी थी मगर एंबुलेंस चालक घर वालों के कहने पर एंबुलेंस लेकर सीधे बांसगांव चला गया और हंगामा होने के बाद फिर जिला अस्पताल में लाया गया।