Gorakhpur News: जिस कार्यालय में मंत्री ने लगाया ताला, वह पहले ही हो चुका है स्थानांतरित
खंड दफ्तर में एक जीप खड़ी थी। कबाड़ हो रही जीप सरकारी कामों के लिए विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रयोग की जाती थी। लेकिन, जीप को देखकर लग रहा था कि पिछले पांच से छह महीने से वह सड़क पर नहीं चली है।
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जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम के जिस कार्यालय में सोमवार को ताला लगवाया था, वह विभाग के कागजों में बंद हो चुका है। कार्यालय को संतकबीरनगर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसका आदेश भी तीन जनवरी 2023 को ही जारी हो चुका है। कागजी लिखा पढ़ी में दफ्तर स्थानांतरित भी हो चुका है, लेकिन अभी भवन व जमीन चिह्नित नहीं होने की वजह से संतकबीरनगर में इसे भौतिक रूप से स्थानांतरित नहीं किया जा सका है।
सोमवार को मंत्री के दौरे के बाद मंगलवार को अमर उजाला की टीम सुबह 10:15 बजे बिलंदुपर में जल निगम कार्यालय पहुंची। यहां प्रथम प्रकल्प खंड का कार्यालय है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि चूंकि कार्यालय सरकारी आदेश के अनुसार स्थानांतरित हो चुका है, तो यहां के पते या कार्यालय से विभागीय काम करना मुश्किल होगा।
धूप सेंक रहे कर्मियों ने बताया कि सुबह का समय है, दफ्तर में ही बैठे हैं। कर्मचारी अपना काम भी कर रहे। दरअसल, इस खंड के पास महानगर में पानी की टंकियां और सीवर लाइन बनाने का काम था। पानी की टंकी बन नहीं रही है और सीवर लाइन का काम जल निगम की रामगढ़ताल यूनिट को सौंप दिया गया है। अब इनके पास कोई काम नहीं है। कर्मचारियों ने अपनी बातें भी अमर उजाला से साझा की। बोले, पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके बाद भी तय समय से अधिक काम करवाया जाता है।
दफ्तर ही चला गया तो गाड़ी कहां चले
खंड दफ्तर में एक जीप खड़ी थी। कबाड़ हो रही जीप सरकारी कामों के लिए विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रयोग की जाती थी। लेकिन, जीप को देखकर लग रहा था कि पिछले पांच से छह महीने से वह सड़क पर नहीं चली है।
इन कार्यालयों को दूसरे से संबद्ध किया गया
जल निगम के निर्माण मंडल गोरखपुर में प्रथम निर्माण खंड देवरिया के कार्यालय को निर्माण खंड देवरिया, प्रथम निर्माण खंड बस्ती के कार्यालय को निर्माण खंड बस्ती और निर्माण इकाई गोरखपुर के कार्यालय को निर्माण खंड गोरखपुर कार्यालय, विद्युत यांत्रिक इकाई चतुर्थ को विद्युत यांत्रिक निर्माण खंड कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
अधिशासी अभियंता सुदेश कुमार ने कहा कि सुबह जलशक्ति मंत्री आए तो उस समय संतकबीनगर जाने की तैयारी में थे। अचानक से फोन आया तो आ गए। दफ्तर संतकबीरनगर स्थानांतरित हो गया है। वहीं खोलने के लिए जमीन और भवन की तलाश की जा रही है।