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एनआरसी: असम सरकार को भेजी गई तीन लोगों के जन्म प्रमाणपत्र की रिपोर्ट
Wed, 15 Jan 2020 10:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 10:36 AM IST
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की तस्वीर
- फोटो : PTI
नगर निगम ने असम में रह रहे गोरखपुर में जन्मे तीन बच्चों की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के अंतर्गत प्रस्तुत किए गए जन्म प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए शासन की ओर से यह जानकारी नगर निगम से मांगी गई थी। दिसंबर में स्वास्थ्य सेवा एवं परिवार नियोजन निदेशालय लखनऊ ने इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
दरअसल असम में रह रहे अन्य प्रदेशों के लोगों ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की तरह अपना या अपने बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किए हैं। इनमें गोरखपुर के रामबली मौर्य भवन बेतियाहाता निवासी पलछिन मौर्य और यश कुमार मौर्य के नाम शामिल है। इसके अलावा कुरी बाजार, खजनी के मूल निवासी विश्राम की पुत्री लालमती के संबंध में जानकारी मांगी गई थी।
दरअसल नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत नागरिकों के राष्ट्रीय जनसंख्या 1955 को अपडेट और पुष्ट करने के संबंध में असम सरकार की ओर से विभिन्न राज्य सरकारों से असम में निवास कर रहे उन लोगों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, जिन्होंने दस्तावेज के तौर पर दूसरी जगहों का जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है।
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उसी क्रम में असम सरकार और असम के राज्य समन्वयक की ओर से भेजे गए जन्म प्रमाणपत्र के संबंध में शासन की ओर से नगर निगम को सत्यापन के लिए निर्देश दिए गए थे। उसके बाद नगर निगम की ओर से इसका सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि निदेशालय से नगर निगम से तीन लोगों के जन्म प्रमाणपत्र के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। सत्यापन के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इनमें दो के प्रमाणपत्र नगर निगम के संबंधित विभाग से बने हुए हैं। वहीं मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र भेजकर लालमणी का जन्म प्रमाणपत्र यहां से नहीं बनने संबंधी रिपोर्ट दी गई है।
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दरअसल असम में रह रहे अन्य प्रदेशों के लोगों ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की तरह अपना या अपने बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किए हैं। इनमें गोरखपुर के रामबली मौर्य भवन बेतियाहाता निवासी पलछिन मौर्य और यश कुमार मौर्य के नाम शामिल है। इसके अलावा कुरी बाजार, खजनी के मूल निवासी विश्राम की पुत्री लालमती के संबंध में जानकारी मांगी गई थी।
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दरअसल नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत नागरिकों के राष्ट्रीय जनसंख्या 1955 को अपडेट और पुष्ट करने के संबंध में असम सरकार की ओर से विभिन्न राज्य सरकारों से असम में निवास कर रहे उन लोगों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी, जिन्होंने दस्तावेज के तौर पर दूसरी जगहों का जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है।
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उसी क्रम में असम सरकार और असम के राज्य समन्वयक की ओर से भेजे गए जन्म प्रमाणपत्र के संबंध में शासन की ओर से नगर निगम को सत्यापन के लिए निर्देश दिए गए थे। उसके बाद नगर निगम की ओर से इसका सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि निदेशालय से नगर निगम से तीन लोगों के जन्म प्रमाणपत्र के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। सत्यापन के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इनमें दो के प्रमाणपत्र नगर निगम के संबंधित विभाग से बने हुए हैं। वहीं मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र भेजकर लालमणी का जन्म प्रमाणपत्र यहां से नहीं बनने संबंधी रिपोर्ट दी गई है।