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Gorakhpur News: अब गीडा के किसानों का जमीन देने से इनकार आरपार की लड़ाई का एलान

Thu, 15 Jun 2023 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Thu, 15 Jun 2023 02:18 AM IST
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Now the refusal of the farmers of Gida to give land, the announcement of the fight
फोटो
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- ककना गांव के किसानों ने बैठक कर अधिग्रहण के बाद बची जमीन को बचाने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का लिया निर्णय

- नरकटहा क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे के बगल में है ककना गांव



संवाद न्यूज एजेंसी

गीडा, पिपरौली। जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड और नया गोरखपुर बसाने के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजे का मामला अभी सुलझ नहीं पाया है कि अब गीडा क्षेत्र के ककना (चकफत्ता) गांव के किसानों ने जमी नहीं देने का निर्णय लिया है। बुधवार को किसानों ने बैठक कर अपनी बची जमीन गीडा को न देने का निर्णय लिया। कहा कि अधिग्रहण के बाद बची जमीन को बचाने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।


बैठक में किसानों ने कहा कि नरकटहा क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे के बगल में ककना गांव है। यहां कुल 500 नंबर है, जिसमें से 200 नंबरों में पक्के आवासीय एवं व्यावसायिक निर्माण हो चुके हैं। हम लोगों की जमीन पहले ही औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए गीडा द्वारा ली जा चुकी है। कुछ किसानों के पास अब 10 से 20 डिसमिल तक ही जमीन बची है, जो परिवार के लिए जरूरत पड़ने पर आवास बनाने के काम आएगी।
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किसानों ने आरोप लगाया कि इसी बची जमीन को लेने के लिए गीडा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा हम लोगों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। जमीन न देने की स्थिति में फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी भी दी जा रही है। जबकि, गीडा की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि बिना सहमति पत्र दिए किसानों की जमीन नहीं ली जाएगी। किसानों ने कहा कि सभी किसान गीडा को सहमति पत्र देने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी संदर्भ में आज बैठक कर ककना को गीडा क्षेत्र से बाहर करते हुए तहसील में रजिस्ट्री बैनामे पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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बैठक में भोला मौर्य, नंदलाल मौर्य, छोटेलाल, कपिलदेव, राधेश्याम, अर्जुन प्रसाद, ज्ञानमती, लालमन, रविंद्र मौर्य, रूदल, हेमंत पाल सहित कई किसान उपस्थित रहे।


कोट
औद्योगिक गलियारे में जमीनों के अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 400 एकड़ से अधिक जमीन गीडा अधिग्रहित कर चुका है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर उसे वार्ता के माध्यम से सुलझाया जाएगा। किसानों से सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहित किया जाएगा।
पवन अग्रवाल, सीईओ, गीडा
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