Gorakhpur News: अब हॉस्टल में परिवार के साथ रहकर पढ़ाई कर सकेंगे छात्र, खर्च होंगे सात करोड़
शोध करने वाले बहुत सारे छात्र शादीशुदा हैं। वे पढ़ाई के दौरान पत्नी व बच्चों के साथ नहीं रह पाते हैं। लेकिन, ट्रांजिट हॉस्टल बनने के बाद उनकी यह समस्या दूर हो जाएगी। इस हॉस्टल को बनवाने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को मिली है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जल्द ही ट्रांजिट हॉस्टल की सुविधा मिलने लगेगी। इस हॉस्टल में छात्र अपने परिवार के साथ रहकर पढ़ाई कर सकेंगे। हॉस्टल का आवंटन शोध एवं एमटेक छात्रों को किया जाएगा।
हॉस्टल को तीन मंजिला बनाया जाएगा। कुल 60 कमरे बनाए जाएंगे और सभी कमरों में शौचालय अटैच रहेगा। ताकि अगर कोई छात्र परिवार के साथ रहता है तो उसे दिक्कत न हो। एक कमरे में तीन बेड लगाए जाएंगे।
दरअसल, शोध करने वाले बहुत सारे छात्र शादीशुदा हैं। वे पढ़ाई के दौरान पत्नी व बच्चों के साथ नहीं रह पाते हैं। लेकिन, ट्रांजिट हॉस्टल बनने के बाद उनकी यह समस्या दूर हो जाएगी। इस हॉस्टल को बनवाने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को मिली है। इसकी लागत सात करोड़ रुपये आएगी। हॉस्टल पूरी तरह भूकंपरोधी होगा।
नए महिला हॉस्टल में रहने लगी छात्राएं
विश्वविद्यालय में महिला हॉस्टल भी बनकर तैयार हो गया है। 210 बेड वाले इस हॉस्टल में अब छात्राएं रहने लगी हैं। दो वर्ष में यह हॉस्टल बनकर तैयार हुआ है, अभी कार्यदायी संस्था से हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में ट्रांजिट हॉस्टल बनने से छात्रों को बेहतर सुविधा दिया जा सकेगा। इस वर्ष इसे तैयार करना है। कार्यदायी संस्था के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।