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गोरखपुर विश्वविद्यालय: अब तीन वर्ष से ज्यादा गैप पर भी विद्यार्थी माने जाएंगे नियमित
Tue, 01 Jun 2021 11:15 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 01 Jun 2021 11:15 AM IST
सार
गोविवि प्रवेश समिति की बैठक में किया गया बदलाव। बीटेक, बीएससी की खाली 20 फीसदी सीटों पर बीएससी गणित व बॉयो के छात्रों का होगा प्रवेश।
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक या परास्नातक में अब तीन साल से ज्यादा का गैप होने पर भी नियमित छात्र माने जाएंगे। तीन वर्ष में ही योग्यता प्रदायी परीक्षा को पास करने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है।
कुलपति प्रो राजेश सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को प्रवेश समिति की बैठक हुई, जिसमें विद्यार्थी हित में कई अहम फैसले लिए गए। पुराने नियम के मुताबिक तीन साल से अधिक गैप होने पर विद्यार्थियों को प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में पढ़ाई पूरी करने का मौका दिया जाता था। नई शिक्षा नीति में भी इसे दूर किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद विवि प्रशासन ने नियम में बदलाव को मंजूरी प्रदान की है।
एक अन्य अहम फैसले के तहत बीटेक और बीएससी कृषि में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद खाली बची 20 फीसदी सीटों पर क्रमश: बीएससी गणित और बीएससी बॉयो के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश का मौका दिया जाएगा। बैठक में सभी संकायों के संकायाध्यक्ष, डीएसडब्लू प्रो अजय सिंह, समन्वयक स्नातक प्रवेश परीक्षा प्रो विनय कुमार सिंह समन्वयक परास्नातक प्रवेश प्रो उदय सिंह और सचिव के रूप में कुल सचिव मौजूद थे।
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कुलपति प्रो राजेश सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को प्रवेश समिति की बैठक हुई, जिसमें विद्यार्थी हित में कई अहम फैसले लिए गए। पुराने नियम के मुताबिक तीन साल से अधिक गैप होने पर विद्यार्थियों को प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में पढ़ाई पूरी करने का मौका दिया जाता था। नई शिक्षा नीति में भी इसे दूर किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद विवि प्रशासन ने नियम में बदलाव को मंजूरी प्रदान की है।
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एक अन्य अहम फैसले के तहत बीटेक और बीएससी कृषि में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद खाली बची 20 फीसदी सीटों पर क्रमश: बीएससी गणित और बीएससी बॉयो के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश का मौका दिया जाएगा। बैठक में सभी संकायों के संकायाध्यक्ष, डीएसडब्लू प्रो अजय सिंह, समन्वयक स्नातक प्रवेश परीक्षा प्रो विनय कुमार सिंह समन्वयक परास्नातक प्रवेश प्रो उदय सिंह और सचिव के रूप में कुल सचिव मौजूद थे।
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ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू, पहले दिन 367 आवेदन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2020-21 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। पहले दिन 367 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 60 से अधिक विद्यार्थियों ने शुल्क जमाकर प्रक्रिया को पूरा किया है। नए सत्र में स्नातक के विद्यार्थियों को विवि के ब्रांड आंबेसडर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित तीन क्रेडिट के कोर्स को तीन वर्षों में राष्ट्र गौरव की भांति उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
एनएसएस, एनसीसी या रोवर्स रेंजर्स होगा अनिवार्य
बैठक में स्नातक के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एनएसएस, एनसीसी और रोवर्स रेंजर्स में किसी एक कोर्स की पढ़ाई करना अनिवार्य होगा। साथ ही साथ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता के आधार पर भी विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा।
अंतरराष्ट्रीय छात्र और ख्यातिलब्ध खिलाड़ियों को प्रवेश परीक्षा से छूट
विवि की प्रवेश परीक्षा से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ ही ख्यातिलब्ध अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को छूट प्रदान की जाएगी। विवि प्रशासन ने पूर्व में ही इन विद्यार्थियों को फेलोशिप देने का एलान किया है।
एनएसएस, एनसीसी या रोवर्स रेंजर्स होगा अनिवार्य
बैठक में स्नातक के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एनएसएस, एनसीसी और रोवर्स रेंजर्स में किसी एक कोर्स की पढ़ाई करना अनिवार्य होगा। साथ ही साथ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता के आधार पर भी विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा।
अंतरराष्ट्रीय छात्र और ख्यातिलब्ध खिलाड़ियों को प्रवेश परीक्षा से छूट
विवि की प्रवेश परीक्षा से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ ही ख्यातिलब्ध अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को छूट प्रदान की जाएगी। विवि प्रशासन ने पूर्व में ही इन विद्यार्थियों को फेलोशिप देने का एलान किया है।