फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Now SSP gave instructions to review five challans of more than 10 thousand daily

गोरखपुर वासियों की गुहार: साहब! मनमाने तरीके से काटा जा रहा चालान, कुछ कीजिए

Wed, 02 Nov 2022 10:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 02 Nov 2022 10:50 AM IST
सार

डीएम और एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने इसे गंभीरता से लिया। एसएसपी ने तत्काल एसपी यातायात डॉ एमपी सिंह को निर्देश दिया कि रोजाना 10 हजार रुपये से अधिक के पांच चालान की वह खुद समीक्षा करें। एसएसपी ने कहा कि दो चालान की वह भी समीक्षा करेंगे।

विज्ञापन
Now SSP gave instructions to review five challans of more than 10 thousand daily
गोरखपुर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिला उद्योग बंधु की बैठक में मनमाने चालान को लेकर उद्यमियों का गुस्सा फूट पड़ा। डीएम कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में बैठक के दौरान कई उद्यमियों ने एक साथ शिकायत की कि मनमाने तरीके से चालान काटा जा रहा है।

विज्ञापन


कहा, एक गलती पर कई ऐसे मानकों को भी शामिल कर चालान की राशि बढ़ा दी जा रही है, जिसकी गलती संबंधित व्यक्ति द्वारा की ही नहीं गई हैं। इससे आम आदमी तो परेशान है ही उनका व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन

 डीएम और एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने इसे गंभीरता से लिया। एसएसपी ने तत्काल एसपी यातायात डॉ एमपी सिंह को निर्देश दिया कि रोजाना 10 हजार रुपये से अधिक के पांच चालान की वह खुद समीक्षा करें। एसएसपी ने कहा कि दो चालान की वह भी समीक्षा करेंगे। यदि कहीं भी मनमानी कार्रवाई सामने आई तो संबंधित पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यमियों की मांग पर यह भी तय हुआ कि हर दो महीने पर पुलिस के साथ उनकी बैठक होगी। दिन में माल लेकर आने वाले वाहनों का समय ठंड में दोपहर एक से तीन बजे तक करने की सलाह दी गई। पिछले महीने दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने मनमाने चालान पर सख्ती दिखाते हुए इस पर लगाम लगाने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके चालान को लेकर शिकायतों का सिलसिला जारी है।

 

 बैठक में उद्यमियों की समस्याओं के साथ ही अगले पांच साल के औद्योगिक विकास पर भी चर्चा हुई। डीएम ने उद्यमियों से उनकी समस्याएं पूछी। उद्यमियों ने बताया कि यहां फूड पार्क विकसित किया जाना जरूरी है। खाद्य प्रसंस्करण इकाई के रूप में फ्लोर मिल एवं राइस मिल ही हैं जबकि कई अन्य उत्पादों के लिए भी इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। प्लास्टिक पार्क को लेकर भी चर्चा हुई। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर उद्यमियों ने जरूरत बताई तो जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है।

गीडा सेक्टर 13 में नए सिरे से उपकेंद्र बनाने पर मंथन
बैठक के दौरान बिजली की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उद्यमियों ने गीडा सेक्टर 13 के विद्युत उपकेंद्र को नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव दिया। उद्यमियों ने बिजली की दरों को कम करने की जरूरत भी बताई। बैठक में गीडा की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर आवाज उठी।

डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर करने को कहा। इस दौरान चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, भोला जायसवाल, सुमित कक्कड़ आदि उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed