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Gorakhpur News: अब ट्रेन सर्च करने में नेटवर्क की स्पीड नहीं बनेगी बाधा
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- ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई जाएगी इंटरनेट स्पीड
- एनईआर के स्टेशनों पर खोज जा रहे हैं कमजोर नेटवर्क वाले स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एनईआर के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर मोबाइल सिग्नल मजबूत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। दूरसंचार विशेषज्ञ स्टेशन व प्लेटफाॅर्म पर कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों की पहचान कर रहे हैं। इसके बाद सिग्नल मजबूत बनाने व इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के लिए उपकरणों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
रेलवे में अब यात्री सुविधाओं को भी इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। आरक्षण के बाद अनारक्षित टिकट भी ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। प्लेटफाॅर्म टिकट भी ऑनलाइन खरीदने की सुविधा है, लेकिन स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ के चलते सिग्नल कमजोर हो जा रहा है, जिससे यात्रियों को नेट सर्फिंग करने में अधिक वक्त लगता है। इस वजह से टिकट बुकिंग, ट्रेनों की लाइव लोकेशन आदि जांच में भी दिक्कत आती है।
इसे देखते हुए एनईआर ने जिन स्टेशनों पर ऑनलाइन जनरल टिकट की बुकिंग की सुविधा है, वहां सिग्नल स्ट्रांग बनाने के लिए मशीनों की क्षमता बढ़ाने का कार्य आरंभ कर दिया है।
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एचआरएमएस पर ई-पाॅश के साथ ई-टिकट भी मिलेगा
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल एचआरएमएस पर अब ई-पाश के साथ ही ई-टिकट की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है। इससे अब कर्मचारियों को अपना रेल टिकट लेने के लिए आरक्षण काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। इस सुविधा के शुरू होने से पूर्वोत्तर रेलवे के करीब 45 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे अपने सिस्टम को हाईटेक कर रहा है। इसी क्रम में कोरोना कॉल में कर्मचारियों की उपस्थिति से लेकर वेतन बिल बनाने तक का पूरा काम एचआरएमएस पोर्टल पर शुरू कर दिया गया था। कर्मचारियों की उपस्थिति, अनुपस्थिति, वेतन, एरियर समेत सारा काम इसी के जरिये हो रहा है।
इसके बाद अब कर्मचारियों को ई-पास की सुविधा भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन अभी ई-टिकट की सुविधा इससे नहीं मिलती थी। जिस वजह से कर्मचारियों को स्वयं की यात्रा के लिए आरक्षित टिकट काउंटर पर जाकर कराना पड़ता था। लेकिन अब ई-पाश के साथ ई-टिकट को भी जोड़ दिया गया है। इससे रेल कर्मी अपने पोर्टल पर ही ई-टिकट भी जनरेट कर सकते हैं।
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- एनईआर के स्टेशनों पर खोज जा रहे हैं कमजोर नेटवर्क वाले स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एनईआर के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर मोबाइल सिग्नल मजबूत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। दूरसंचार विशेषज्ञ स्टेशन व प्लेटफाॅर्म पर कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों की पहचान कर रहे हैं। इसके बाद सिग्नल मजबूत बनाने व इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के लिए उपकरणों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
रेलवे में अब यात्री सुविधाओं को भी इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। आरक्षण के बाद अनारक्षित टिकट भी ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। प्लेटफाॅर्म टिकट भी ऑनलाइन खरीदने की सुविधा है, लेकिन स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ के चलते सिग्नल कमजोर हो जा रहा है, जिससे यात्रियों को नेट सर्फिंग करने में अधिक वक्त लगता है। इस वजह से टिकट बुकिंग, ट्रेनों की लाइव लोकेशन आदि जांच में भी दिक्कत आती है।
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इसे देखते हुए एनईआर ने जिन स्टेशनों पर ऑनलाइन जनरल टिकट की बुकिंग की सुविधा है, वहां सिग्नल स्ट्रांग बनाने के लिए मशीनों की क्षमता बढ़ाने का कार्य आरंभ कर दिया है।
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एचआरएमएस पर ई-पाॅश के साथ ई-टिकट भी मिलेगा
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल एचआरएमएस पर अब ई-पाश के साथ ही ई-टिकट की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है। इससे अब कर्मचारियों को अपना रेल टिकट लेने के लिए आरक्षण काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। इस सुविधा के शुरू होने से पूर्वोत्तर रेलवे के करीब 45 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे अपने सिस्टम को हाईटेक कर रहा है। इसी क्रम में कोरोना कॉल में कर्मचारियों की उपस्थिति से लेकर वेतन बिल बनाने तक का पूरा काम एचआरएमएस पोर्टल पर शुरू कर दिया गया था। कर्मचारियों की उपस्थिति, अनुपस्थिति, वेतन, एरियर समेत सारा काम इसी के जरिये हो रहा है।
इसके बाद अब कर्मचारियों को ई-पास की सुविधा भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन अभी ई-टिकट की सुविधा इससे नहीं मिलती थी। जिस वजह से कर्मचारियों को स्वयं की यात्रा के लिए आरक्षित टिकट काउंटर पर जाकर कराना पड़ता था। लेकिन अब ई-पाश के साथ ई-टिकट को भी जोड़ दिया गया है। इससे रेल कर्मी अपने पोर्टल पर ही ई-टिकट भी जनरेट कर सकते हैं।