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Gorakhpur News: अब गोरखपुर शहर को वाटर प्लस श्रेणी में लाने की तैयारी में जुटा नगर निगम

Mon, 25 Jul 2022 03:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 25 Jul 2022 03:13 PM IST
सार

सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणिभूषण तिवारी ने कहा कि महानगर में स्थित सभी सेप्टिक टैंकों को तीन वर्ष में खाली या साफ करा दिया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त चोक सीवर, सीवेज के रिसाव, पानी से संबंधित सभी स्वच्छता या स्थानीय ऐप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को समयबद्ध रूप से निस्तारित करना आवश्यक है।

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Now Municipal Corporation preparing to bring Gorakhpur city in water plus category
गोरखपुर नगर निगम। - फोटो : amar ujala

विस्तार

स्वच्छ सर्वेक्षण में ओडीएफ प्लस प्लस (++) शहर की श्रेणी हासिल कर लेने के बाद नगर निगम, अब शहर को वाटर प्लस श्रेणी में लाने की तैयारी में जुट गया है। वाटर प्लस शहर का दर्जा हासिल कर लेने के बाद नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में 1000 अंक हासिल हो जाएंगे। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग बेहतर होगी।

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स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में महानगर को वाटर प्लस की श्रेणी में लाने के लिए ओडीएफ ++ के मानकों के अतिरिक्त कई अन्य मानक भी है, जिन्हें पूरा किया जाना होता है। इन मानकों में मुख्यत: महानगर से निकले अपशिष्ट जल और सीवेज को उपचारित करने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उपचारित पानी का फिर से इस्तेमाल किया जा सके।
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उपचारित पानी का कम से कम 25 प्रतिशत का इस्तेमाल जरूरी

उपचारित पानी का कम से कम 25 प्रतिशत उपयोग बागवानी, कृषि, उद्योग या सड़कों की धुलाई में प्रयोग किया जाना है। नालों पर उचित दूरी एव स्थलों पर स्क्रीनिंग किया जाना भी आवश्यक है, ताकि गंदगी को बीच में ही साफ किया जा सके। पानी के निकासी में किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो सके।

इसके साथ ही सीवर मेनहोल और सीवर कक्षों को प्रतिवर्ष कम से कम एक बार पूरी तरह साफ करना आवश्यक है, ताकि ओवरफ्लो न होने पाए। सभी नालों का समुचित रख-रखाव किया जाए। साथ ही सीवर और सेप्टिक टैंक को यांत्रिक रूप से साफ किया जाना चाहिए। इन पर आने वाले लागत व्यय के अनुसार वसूली भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शिकायतों का समय से निस्तारण भी जरूरी
सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणिभूषण तिवारी ने कहा कि महानगर में स्थित सभी सेप्टिक टैंकों को तीन वर्ष में खाली या साफ करा दिया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त चोक सीवर, सीवेज के रिसाव, पानी से संबंधित सभी स्वच्छता या स्थानीय ऐप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को समयबद्ध रूप से निस्तारित करना आवश्यक है।

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि महानगर को वाटर प्लस की श्रेणी में लाने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। महानगर वासियों से अपील है कि अपने शौचालयों के सेप्टिक टैंकों को पंजीकृत संचालकों अथवा नगर निगम की मशीनों के माध्यम सें प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार साफ कराएं, ताकि सेप्टिक टैंकों से निकले सीवेज का निस्तारण व्यवस्थित प्लांट के माध्यम से करते हुए उपचारित किया जा सके।

 
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