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Gorakhpur News: अब डीएल के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना होगा आसान
Tue, 30 Jan 2024 04:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 30 Jan 2024 04:06 AM IST
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- परिवहन विभाग ने मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए कराई डॉक्टर की तैनाती
- पहले लाइसेंस आवेदकों को जिला अस्पताल के लगाने पड़ते थे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदकों को अब जिला अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए चालक प्रशिक्षण केंद्र चरगावां में सीएचसी के डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। मेडिकल जांच के बाद ऑनलाइन ही एआरटीओ को सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाएगा। डॉक्टर सर्टिफिकेट ऑनलाइन ही जारी करेंगे। इसके लिए डॉक्टर को सारथी पोर्टल पर लॉग-इन आईडी दी गई है।
मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए पहले सीएमओ कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। डॉक्टर की जांच के बाद सर्टिफिकेट जारी किया जाता था। परिवहन विभाग के नियम के मुताबिक 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होता है। इसका फायदा बिचौलिए उठ रहे थे। सर्टिफिकेट के नाम पर बिचौलिए आवेदकों को 500 से एक हजार रुपये तक वसूल लेते थे।
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लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी
व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। विशेष परिस्थितियों में शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस बनने में भी मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है। चरगावां स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र में हर दिन 50 से 60 ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आते हैं। इनमें मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।
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कोट
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। साथ ही उन्हें सारथी की लॉग-इन आईडी भी दे दी गई है। ताकि आवेदकों को ऑनलाइन मेडिकल सर्टिफिकेट मिले सके।
अरुण कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन
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- पहले लाइसेंस आवेदकों को जिला अस्पताल के लगाने पड़ते थे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदकों को अब जिला अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए चालक प्रशिक्षण केंद्र चरगावां में सीएचसी के डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। मेडिकल जांच के बाद ऑनलाइन ही एआरटीओ को सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाएगा। डॉक्टर सर्टिफिकेट ऑनलाइन ही जारी करेंगे। इसके लिए डॉक्टर को सारथी पोर्टल पर लॉग-इन आईडी दी गई है।
मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए पहले सीएमओ कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। डॉक्टर की जांच के बाद सर्टिफिकेट जारी किया जाता था। परिवहन विभाग के नियम के मुताबिक 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होता है। इसका फायदा बिचौलिए उठ रहे थे। सर्टिफिकेट के नाम पर बिचौलिए आवेदकों को 500 से एक हजार रुपये तक वसूल लेते थे।
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लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी
व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। विशेष परिस्थितियों में शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस बनने में भी मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है। चरगावां स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र में हर दिन 50 से 60 ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आते हैं। इनमें मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।
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कोट
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। साथ ही उन्हें सारथी की लॉग-इन आईडी भी दे दी गई है। ताकि आवेदकों को ऑनलाइन मेडिकल सर्टिफिकेट मिले सके।
अरुण कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन