Gorakhpur News: गोरखपुर में फिर मनमानी..अब जेल बाईपास और रेलवे कॉलोनी रोड पर खड़ी होने लगीं बसें
एसपी यातायात श्यामदेव ने कहा कि निजी बसों को शहर के बाहर कर दिया गया है। उनके संचालक ने लिए स्थान तय हो गए हैं। यदि कोई बस चालक शहर में पाया गया तो चालान काटकर कार्रवाई होगी। नंदानगर की तरह अन्य जगहों पर जल्द ही बस स्टैंड की व्यवस्था कर दी जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए निजी बसों को शहर के बाहर से संचालित करने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर यातायात पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। लेकिन व्यवस्था अभी पूरी तरह से पटरी नहीं आ सकी है। महराजगंज रोड की बसों को असुरन से हटाए जाने पर बस चालकों ने स्थान बदल दिया है। जेल बाईपास रोड पर भी बसें खड़ी होने लगी हैं।
यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट बसों को शहर से बाहर किए जाने से जाम से राहत मिली है। बस स्टैंड के लिए जमीनों की तलाश जारी है। जगह मिलते ही सुविधाएं मुहैया करा दी जाएंगी।
शहर में आने वालों को जाम से राहत दिलाने के लिए निजी बसों को शहर से बाहर करने का अभियान शुरू किया गया है। एक अक्तूबर से बिहार से आने-जाने वाली बसों के लिए नंदानगर में स्थान तय हुआ है, जहां बसें खड़ी हो रही हैं। सोनौली हाईवे पर चलने वाली निजी बसों को बरगदवां से आगे पेट्रोल पंप के सामने खड़ी करने की व्यवस्था की गई है।
इसी तरह असुरन के पास से चलने वाली बसों को खजांची के समीप भेज दिया गया है। जबकि पैडलेगंज चौराहे के पास निर्माणाधीन सिक्सलेन सड़क पर खड़ी होने वाली बसों को बाघागाड़ा के पास खड़ी करने का निर्देश दिया गया है। नंदानगर बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह से हो रहा है। यहां की बसें कभी कभार रात में यात्री लेने पहुंचती हैं।
निजी बसें हटीं तो अब अनुबंधित का कब्जा
पैडलेगंज चौराहे के पास निर्माणाधीन सिक्सलेन पर गोला, बड़हलगंज, उरुवा सहित अन्य जगहों तक जाने के लिए प्राइवेट बसें खड़ी होती थीं। यातायात पुलिस ने सख्ती बरतते हुए सभी निजी बसों को नौसड़ से शहर में आने पर रोक लगा दी है। बुधवार की दोपहर 12:40 बजे कोई निजी बस नहीं मिली। लेकिन इसका बेजा फायदा उठाते हुए मेंहदावल तक आने जाने वाली रोडवेज की अनुबंधित बस खड़ी नजर आई। बस के चालक और कंडक्टर यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे थे।
असुरन से हटाया तो रेलवे कॉलोनी में किया खड़ा
महराजगंज रूट पर चलने वाली बसों को खजांची चौराहे के आगे से चलाने की व्यवस्था की गई है। चार दिन पूर्व यहां से बसों को हटाने पर कुछ बस चालकों ने असुरन-चारफाटक रोड पर रेलवे कॉलोनी के किनारे अपना अड्डा बना लिया। दोपहर 01:56 बजे यहां पर अनुबंधित बस के रंग में भ्रमित करती हुई निजी बस नजर आई। रंग के कारण लोग इसे सरकारी बस समझकर सवार हो रहे थे।
जेल बाईपास रोड बना नया बस अड्डा
शहर के प्रमुख स्थानों से बसों के हटने पर पादरी बाजार रोड से पिपराइच होते हुए कुशीनगर की ओर जाने वाली बसें जेल बाईपास रोड पर खड़ी होने लगी हैं। यहां बस चालकों ने नया बस अड्डा बन गया है। बुधवार की दोपहर जेल बाईपास रोड पर छह निजी बसें खड़ी मिलीं। वहां मौजूद चालक रवि ने बताया कि यहां पर जाम नहीं लगता है। इसलिए खड़ा किया जा रहा है। यदि कोई स्थान मिल जाए तो वहां चले जाएंगे।
ऑटो और अनुबंधित की मनमानी जारी
निजी बसों के हटने के बाद ऑटो और अनुबंधित बसों की मनमानी पर लगाम नहीं लग सका है। बुधवार दोपहर 12:29 बजे मोहद्दीपुर में विश्वविद्यालय चौराहे की ओर से कूड़ाघाट लेन पर ऑटो चालकों की मनमानी देखने को मिली। यात्री बैठाने के चक्कर में चालकों ने बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर दिए थे। तभी कुशीनगर की ओर जा रही एक अनुबंधित बस आ गई। यात्री के चक्कर में बस चालक ने ब्रेक लगा दिया। इससे पीछे से आ रहे लोग परेशान हुए। ट्रैफिक सिग्नल खुलने के बाद जल्दी निकलने के बजाय लोग लोग फंस गए।
शांत होने लगा है आईटीएमएस
यातायात चौराहों पर ऑटो चालकों, कार, बाइक सहित अन्य की मनमानी सीसीटीवी कैमरे में देखकर आईटीएमएस कर्मी लगातार निर्देश देते हैं। लेकिन ज्यादातर समय आईटीएमएस की ओर से सामान खाेने के संबंध में सूचना दी जा रही है। पहले आईटीएमएस कर्मी जाम लगाने या यातायात बाधित करने वाले के बारे में सार्वजनिक जानकारी देते थे। जैसे किसी ने लाल शर्ट पहनी है। लेकिन वह बाईं लेन में खड़ा है तो उसे बताते थे कि लाल शर्ट वाले सज्जन कृपया बाइक हटा लें। आप के पीछे जाम लग रहा है, तो लोग सजग हो जाते थे। लेकिन अब आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट) की ओर से ऐसी टोकाटाकी बंद हो गई है। इस वजह से ऑटो चालक भी मनमानी पर उतर आए हैं।
एसपी यातायात श्यामदेव ने कहा कि निजी बसों को शहर के बाहर कर दिया गया है। उनके संचालक ने लिए स्थान तय हो गए हैं। यदि कोई बस चालक शहर में पाया गया तो चालान काटकर कार्रवाई होगी। नंदानगर की तरह अन्य जगहों पर जल्द ही बस स्टैंड की व्यवस्था कर दी जाएगी।