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Gorakhpur Pollution: सिर्फ अस्थमा ही नहीं...गले का संक्रमण भी बढ़ा रहा प्रदूषण

Wed, 08 Nov 2023 12:54 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 08 Nov 2023 12:54 PM IST
सार

ईएनटी डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि सर्दी-गर्मी के संधिकाल में ऐसा होना आम बात है, लेकिन यह एक से दो दिन में खुद ही ठीक भी हो जाता है। लेकिन, इस बार जो दिक्कत आ रही है, उसमें मौसम के अलावा प्रदूषण भी एक कारक है।

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Not only asthma throat infection also increasing due to Gorakhpur pollution
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मौसम सर्द होते ही इन दिनों प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। इससे लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। प्रदूषित वायुमंडल जहां अस्थमा रोगियों के लिए खतरे की घंटी है, वहीं इससे गले में संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने मौसम में इस बदलाव के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी-सर्दी के संक्रमण काल में इस तरह की दिक्कतें आती हैं। प्रदूषण के चलते संक्रमण का असर बढ़ जा रहा है। ऐसे में मौसम के इस बदलाव में खुद को सुरक्षित रखना जरूरी है।
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इस साल अक्तूबर के अंतिम दिनों में भी तेज गर्मी थी। इसके बाद नवंबर शुरू होते ही अचानक तापमान में कमी आई, जिसके कारण लोगों को गले का संक्रमण झेलना पड़ रहा है। एक साल से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया के मामले बढ़ गए हैं। फिजिशियन डॉ. बीके सुमन बताते हैं कि जब भी दो मौसम का संधिकाल होता है तो इस तरह की दिक्क्तें आती हैं, क्योंकि ऐसे में तमाम तरह के वायरस सक्रिय हो जाते हैं।
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नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ.अर्पित श्रीवास्तव का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान ये दिक्क्तें आती हैं। सर्दी की शुरुआत में लोग सावधानी नहीं बरतते, जिससे इस तरह की दिक्कत आती है। कुछ लोगों को एलर्जी की वजह से भी ऐसा हो रहा है। ओपीडी में आ रहे अधिकांश मरीज एलर्जी की वजह से परेशान हैं।

प्रदूषण से भी हाे रही है दिक्कत

ईएनटी डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि सर्दी-गर्मी के संधिकाल में ऐसा होना आम बात है, लेकिन यह एक से दो दिन में खुद ही ठीक भी हो जाता है। लेकिन, इस बार जो दिक्कत आ रही है, उसमें मौसम के अलावा प्रदूषण भी एक कारक है। क्योंकि गले का संक्रमण लोगों को कई दिन तक दिक्कत दे रहा है। आने वाले दिनों में यह दिक्कत और भी तकलीफ दे सकती है, इसलिए अभी से सावधानी बरतें।

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बरतें ये सावधानियां

  • गले में खराश होने पर नमक-पानी से गरारा करें।
  • अदरक व काली मिर्च युक्त काढ़ा पीएं, हल्दी के उपयोग से भी राहत मिलेगी।
  • घर से बाहर निकलें तो मॉस्क का प्रयोग जरूरी है।
  • दो-तीन दिन तक लगातार दिक्क्त बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।
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