Gorakhpur News: बिजली निगम के तीन अभियंताओं पर जांच का फंदा, शुरू हुई जांच
मुख्य अभियंता एके सिंह ने पूरे मामले की विभागीय जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। अधिशासी अभियंता, विद्युत माध्यमिक कार्यखंड एमके गौड़ व सहायक अभिंयता(आईटी) विकास झा जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट मुख्य अभियंता को देंगे। ।
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गोरखपुर में बिना बिजली मीटर व तार जब्त किए लाखों का बकाया बिल सामान्य तरीके से निपटाने के मामले में तीन अभियंताओं पर शिकंजा कस दिया गया है। इस मामले की जांच गाजीपुर की एंटी थेफ्ट थाना पुलिस कर रही है। पुलिस ने बिजली निगम के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर पूरा ब्योरा मांगा है। अब मुख्य अभियंता ने दो सदस्यीय टीम गठित करके एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की है।
जांच के घेरे में द्वितीय बक्शीपुर के तत्कालीन उपखंड अधिकारी राजेश प्रजापति, अवर अभियंता मृत्युंजय शर्मा और तत्कालीन अवर अभियंता यशपाल वर्मा हैं। इनमें से ज्यादातर की तैनाती गोरखपुर में ही है। एंटी थेफ्ट थाना पुलिस ने मुख्य अभियंता को जो पत्र लिखा है, उसके मुताबिक, मोहरीपुर के राम रतन यादव ने दो किलोवाट का कनेक्शन लिया था, लेकिन बिल नहीं जमा कराया।
बिजली निगम के तत्कालीन अभियंताओं ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए, फिर लाखों रुपये का बिजली बिल सामान्य तरीके से निपटा दिया। विद्युत मीटर व तार नहीं जब्त किया गया। नियमों को दरकिनार करते हुए नए नाम से बिजली कनेक्शन भी दे दिया। इसी तरह का मामला राजेंद्र नगर की पार्वती देवी और बरगदवां की किस्मती देवी का भी है। 22 से ज्यादा कनेक्शन नंबर उपलब्ध कराए गए और कहा गया कि हर मामले में गड़बड़ी हुई है। मामला चार वर्ष पुराना है, लेकिन अब जांच जोन स्तर पर आई है।
दो सदस्यीय टीम करेगी जांच
मुख्य अभियंता एके सिंह ने पूरे मामले की विभागीय जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। अधिशासी अभियंता, विद्युत माध्यमिक कार्यखंड एमके गौड़ व सहायक अभिंयता(आईटी) विकास झा जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट मुख्य अभियंता को देंगे।
प्रबंध निदेशक ने दी गाजीपुर एंटी थेफ्ट थाने की जांच
इन मामलों की शिकायत 2018 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक से की गई थी, लेकिन जांच नहीं हुई। बाद में मामला उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक के पास पहुंच गया। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने जांच गाजीपुर एंटी थेफ्ट थाना पुलिस को सौंप दी। एंटी थेफ्ट थाना पुलिस ने जांच की और पूरी रिपोर्ट गोरखपुर के मुख्य अभियंता को दी है। अब मुख्य अभियंता मामले की जांच कराएंगे, फिर रिपोर्ट बनाकर शासन को देंगे।
इन विद्युत आईडी नंबरों की भी जांच
2651912000, 4202612000, 9620312000, 0778212000, 4784122000, 0371212000, 5540512000, 4491412000, 9838412000, 07087927171 1807312000 सहित अन्य।
गोरखपुर जोन के मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि गाजीपुर के एंटी थेफ्ट थाने के प्रभारी ने मामले की रिपोर्ट दी है। स्थानीय स्तर पर मामले की जांच कराई जाएगी। अभियंता, उनसे जुड़े आईडी के बिल रिवीजन और अन्य दस्तावेजों को खंगाले जाएंगे। पूरी जांच के बाद जो रिपोर्ट दी जाएगी, उसी आधार पर आगे कार्रवाई होगी। अगर दोष साबित हुआ तो आगे कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। अभी मामला जांच प्रक्रिया में है।