फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   no provision of drinking water in Gorakhpur tehsil

गोरखपुर का हाल: तहसील परिसर में आइए तो पानी की बोतल साथ लाइए, वरना रह जाएंगे प्यासे

Thu, 27 Apr 2023 12:03 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 27 Apr 2023 12:03 PM IST
सार

तहसील के मुकदमों, खतौनी की नकल लेने, भूमि का बैनामा कराने वाले लोगों सहित तहसील में आने वालों की संख्या छह हजार से अधिक होती है। बावजूद इसके तहसील परिसर में कहीं पर भी प्रशासन की तरफ से पीने के पानी का इंतजाम नहीं किया गया है।

विज्ञापन
no provision of drinking water in Gorakhpur tehsil
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सदर तहसील में आइए तो पानी की बोतल साथ लाइए। वरना प्यास लगने पर इधर-उधर भटकना पड़ेगा। कलेक्ट्रेट की कैंटीन से पानी की बोतल खरीदनी पड़ेगी। क्योंकि तहसील परिसर में पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। निबंधन से लेकर तहसील कार्यालय तक वादकारी और अधिवक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है।

विज्ञापन


तहसील में विभिन्न कामों के लिए रोजाना लोग पहुंचते हैं। यहां मुकदमों के निस्तारण और भूमि का बैनामा सहित अन्य कामों के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। लोगाें की सुविधा के लिए तीन हजार से अधिवक्ता विधि व्यवसाय करते हैं, जबकि हर अधिवक्ता के तख्ते पर एक मुंशी (सहायक) होता है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: कचहरी में मिलती है तारीख पर तारीख: यहां आसान नहीं पैमाइश, पहले पूरी कीजिए फरमाइश
विज्ञापन
विज्ञापन


किसी भूमि के बैनामे के लिए कम से कम चार लोगों की आवश्यकता पड़ती है। इनमें क्रेता और विक्रेता के अलावा दो गवाह शामिल होते हैं। तहसील के मुकदमों, खतौनी की नकल लेने, भूमि का बैनामा कराने वाले लोगों सहित तहसील में आने वालों की संख्या छह हजार से अधिक होती है। बावजूद इसके तहसील परिसर में कहीं पर भी प्रशासन की तरफ से पीने के पानी का इंतजाम नहीं किया गया है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि जिला पुलिस मुख्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय होने पर यहां की व्यवस्था ठीक थी। लेकिन अंग्रेजी दफ्तर और एसएसपी कार्यालय टूटने के बाद यह समस्या खड़ी हो गई है। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्याऊ लगवाने की मांग की है।

परिसर में नहीं शौचालय की व्यवस्था

तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने वाली जगह पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। नव निर्मित अधिवक्ता चेंबर के पास एक यूरिनल बना हुआ है, लेकिन गंदगी के कारण अधिवक्ता वहां नहीं जाते हैं। ऐसे में उनको मेन गेट, आबकारी कार्यालय गेट और तहसील गेट पर बने सुलभ शौचालय पर जाना पड़ता है।

इससे अधिवक्ताओं का काफी समय बर्बाद हो जाता है। तहसील परिसर में आने वाली महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब एसएसपी कार्यालय था। तब वहां पर पिंक टॉयलेट की सुविधा थी। इससे महिलाओं को सहूलियत थी।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने आएंगे सीएम योगी, करेंगे जनसभा

अधिवक्ताओं ने क्या कहा?

अधिवक्ता श्रीभागवत राय ने कहा कि अधिवक्ताओं के परिसर में टॉयलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका लाभ वादकारियों को मिलेगा। दूर जाने से काफी समय गुजर जाता है। इससे वादकारियों का काम प्रभावित होता है।

अधिवक्ता रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे परिसर में कहीं पर भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। तमाम अधिवक्ता जार का पानी खरीदते हैं। यहां पर जो भी वादकारी आते हैं। उनको बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है।

अधिवक्ता रामपल्टन ने कहा कि अधिवक्ता जहां पर विधि व्यवसाय करते हैं। वहां पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसको लेकर प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

अधिवक्ता शिवेश राय ने कहा कि डीए और एसएसपी ऑफिस था। तब ऐसी समस्या नहीं थी। उसका भवन टूटने के बाद लोग जहां-तहां निवृत्त हो रहे हैं। एक यूरिनल बना हुआ है, लेकिन गंदगी के कारण वहां कोई नहीं जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed