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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   No construction in the catchment area... a river reclaims its natural territory when water levels rise.

Gorakhpur News: कैचमेंट एरिया में न हो निर्माण... पानी बढ़ने पर अपना प्राकृतिक क्षेत्र कवर करती है नदी

Sun, 30 Aug 2026 02:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 02:36 AM IST
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No construction in the catchment area... a river reclaims its natural territory when water levels rise.
अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर। नेपाल में आई बाढ़ को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नदी के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र में बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप भी नुकसान को बढ़ा रहा है।

एमएमएमयूटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रवि प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि नदी के कैचमेंट एरिया में निर्माण नहीं होना चाहिए। नदी में पानी बढ़ने पर वह अपने प्राकृतिक क्षेत्र को कवर करती है। यदि इस क्षेत्र में पहले से मकान या अन्य निर्माण हैं तो बाढ़ के दौरान नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक व्यवस्था में हस्तक्षेप से आपदा का प्रभाव अधिक गंभीर हो जाता है। उन्होंने बताया कि बांध बनाने के दौरान नदी के प्राकृतिक प्रवाह को नियंत्रित किया जाता है। बांध में बड़ी मात्रा में पानी जमा होता है, इसलिए किसी संभावित खतरे को देखते हुए अलार्मिंग सिस्टम और समय पर सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था जरूरी है। बांध निर्माण के साथ डैम ब्रेक एनालिसिस भी किया जाता है, जिससे बांध टूटने की स्थिति में संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सके। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि नेपाल की घटना को फिलहाल जीएलओएफ के नजरिये से देखा जा रहा है। ग्लेशियरों के पिघलने और छोटी झीलों के बनने से जोखिम बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता लेकिन समय रहते तैयारी और अलर्ट के जरिए इसके नुकसान को कम किया जा सकता है। प्राकृतिक नदी तंत्र को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है।
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जानिए क्या है जीएलओएफ

ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी हिमनदी झील विस्फोट बाढ़ एक अचानक आने वाली भयंकर बाढ़ है, जो तब आती है जब पहाड़ों पर ग्लेशियर के पिघलने से बनी झील का प्राकृतिक बांध (मोरेन या मलबे की दीवार) टूट जाता है और भारी मात्रा में पानी तेजी से नीचे की घाटियों में बहने लगता है।
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