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गोरखपुर : एनआईए ने आतंकी दीपक रंगा को पकड़ा, नेपाल भागने की फिराक में था RPG हमले का आरोपी
Fri, 27 Jan 2023 01:32 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 27 Jan 2023 01:32 PM IST
सार
आतंकी दीपक रंगा को नेपाल भागने के दौरान एलआईए ने गोरखपुर से पकड़ा गया है। रंगा को पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर नौ मई, 2022 को राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला करने के मामले में पकड़ा है। रंगा पर इसके अलावा भी कई केस दर्ज हैं।
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दीपक रंगा फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर नौ मई, 2022 को राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला करने वाले मुख्य शूटर दीपक रंगा को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। कनाडा में बसे आतंकी लखबीर सिंह लांडा और पाकिस्तान में शरण लेने वाले आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के करीबी रंगा को गोरखपुर जिले से गिरफ्तार किया गया है।
आरोप है कि वह गोरखपुर से सोनौली बॉर्डर होते हुए नेपाल भागने के फिराक में था। एनआईए का कहना है कि गोरखपुर पुलिस को इसकी सूचना नहीं थी। गिरफ्तारी की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय होकर जांच करने में जुटी।
हरियाणा के झज्जर के सुरकपुर गांव का रहने वाले रंगा पर आरपीजी हमले में शामिल होने के अलावा, हत्याओं सहित कई अन्य हिंसक अपराधों के केस दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि एनआईए ने पिछले वर्ष 20 सितंबर को स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया था। उस समय यह तथ्य सामने आए थे कि विदेश से आतंकी संगठन और आतंकी लक्षित हत्याओं (टार्गेट किलिंग) और हिंसक आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए देश के उत्तरी राज्यों में संगठित आपराधिक गिरोह मिलकर काम कर रहे हैं।
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यह बात भी सामने आई थी कि आतंकी, गैंगस्टर और नशा तस्कर मिलकर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और आइईडी आदि की तस्करी कर रहे हैं। हालांकि जिस आतंकी दीपक रंगा को एनआईए गोरखपुर से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया है। आरपीजी हमले के बाद से रंगा फरार चल रहा था। एनआईए ने कहा कि रंगा सक्रिय रूप से रिंदा और लांडा से हथियार और आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि एनआईए ने ऑपरेशन के संबंध में गोरखपुर पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। दीपक रंगा को गोरखपुर से कहां से पकड़ा गया है इसकी भी सूचना नहीं है।
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आरोप है कि वह गोरखपुर से सोनौली बॉर्डर होते हुए नेपाल भागने के फिराक में था। एनआईए का कहना है कि गोरखपुर पुलिस को इसकी सूचना नहीं थी। गिरफ्तारी की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय होकर जांच करने में जुटी।
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हरियाणा के झज्जर के सुरकपुर गांव का रहने वाले रंगा पर आरपीजी हमले में शामिल होने के अलावा, हत्याओं सहित कई अन्य हिंसक अपराधों के केस दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि एनआईए ने पिछले वर्ष 20 सितंबर को स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया था। उस समय यह तथ्य सामने आए थे कि विदेश से आतंकी संगठन और आतंकी लक्षित हत्याओं (टार्गेट किलिंग) और हिंसक आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए देश के उत्तरी राज्यों में संगठित आपराधिक गिरोह मिलकर काम कर रहे हैं।
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यह बात भी सामने आई थी कि आतंकी, गैंगस्टर और नशा तस्कर मिलकर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और आइईडी आदि की तस्करी कर रहे हैं। हालांकि जिस आतंकी दीपक रंगा को एनआईए गोरखपुर से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया है। आरपीजी हमले के बाद से रंगा फरार चल रहा था। एनआईए ने कहा कि रंगा सक्रिय रूप से रिंदा और लांडा से हथियार और आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि एनआईए ने ऑपरेशन के संबंध में गोरखपुर पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। दीपक रंगा को गोरखपुर से कहां से पकड़ा गया है इसकी भी सूचना नहीं है।