लोहिया एन्क्लेव के 435 आवंटियों को और राहत, रजिस्ट्री पर लगी शर्त हटी
- रजिस्ट्री पर लगी शर्त हटी, एनजीटी ने जीडीए की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पर जताई सहमति
- आज से फ्लैट रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होगी, अधूरे निर्माण भी जल्द कराए जाएंगे पूरे
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गोरखपुर में तीन साल से फ्लैट पर कब्जे के लिए परेशान लोहिया एन्क्लेव के 435 आवंटियों को एक और राहत मिली है। अब उनके फ्लैट की रजिस्ट्री पर लगी शर्त को भी हटा दिया गया है। मंगलवार से बिना शर्त रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी।
वहीं, कॉलोनी की चहारदीवारी समेत बाकी काम जल्द शुरू हो जाएंगे। नए सिरे से रंग रोगन होगा और अगले महीने तक कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लोहिया एन्क्लेव के आवंटियों को यह राहत नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के फैसले से मिली है।
रामगढ़ताल वेटलैंड के मामले में एनजीटी ने 12 जनवरी को हुई सुनवाई में प्राधिकरण की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पर सहमति जताई है। इससे आवंटियों की राह आसान हो गई। ट्रिब्यूनल का आदेश नहीं आने की वजह से गत दिनों जीडीए बोर्ड की बैठक में लोहिया आवंटियों को सशर्त रजिस्ट्री कराने पर सहमति बनी थी। कहा गया था कि रजिस्ट्री की अंतिम स्थिति ट्रिब्यूनल के आदेश पर निर्भर करेगी। इसी बीच रजिस्ट्री शुरू होने से पहले ही ट्रिब्यूनल का आदेश आ जाने से शर्त खत्म हो गई है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने लोहिया एन्क्लेव के रंग रोगन और बचे निर्माण कार्य 10 से 15 दिन में पूरा कराकर आवंटियों को कब्जा देने की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। बता दें कि लोहिया एन्क्लेव के 492 फ्लैट में से 435 का आवंटन हो चुका है। 2015 में परियोजना के तहत आवंटन शुरू हुआ था। आवंटियों को 2017 में कब्जा दिया जाना था। पहले घटिया निर्माण को लेकर उठे विवाद और बाद में एनजीटी में मामला चला जाने से आवंटन नहीं हो सका।
रामगढ़ताल वेटलैंड के नोटिफिकेशन से आसान हुई राह
लोहिया आवंटियों को कब्जा नहीं दे पाने की वजह से जीडीए पर दबाव बढ़ता जा रहा था। किरकिरी भी हो रही थी। प्राधिकरण की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पर एनजीटी की सहमति से आवंटियों के साथ जीडीए भी राहत महसूस कर रहा है। एनजीटी की तरफ से गठित हाई पावर कमेटी ने 2019 के अंतिम में रामगढ़ताल के 500 मीटर के दायरे को वेटलैंड बताते हुए नए निर्माण पर रोक और जो निर्माण हो चुके हैं, उन सभी को ध्वस्त कराने की एनजीटी से संस्तुति की थी।
लोहिया एन्क्लेव के भी इसी दायरे में आने से आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पा रहा था। पिछले महीने शासन ने रामगढ़ताल वेटलैंड का नोटिफिकेशन कर दिया, जिसमें 28 में से 22 जगहों पर सिर्फ ताल से 50 मीटर का दायरा वेटलैंड घोषित किया गया। लोहिया एन्क्लेव का कोई भी हिस्सा वेटलैंड में शामिल नहीं है। इस नोटिफिकेशन से आवंटियों और जीडीए की राह, एनजीटी में काफी आसान हो गई।
आवंटियों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
लोहिया एन्क्लेव समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह और उपाध्यक्ष अवनीश शुक्ला समेत सभी पदाधिकारियों व आवंटियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रयास से समय पर रामगढ़ताल वेटलैंड नोटिफिकेशन हो पाया, जिससे एनजीटी से राहत मिल गई।
बता दें कि गत दिनों आवंटियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपील की थी कि वे खुद अपने हाथ से उन्हें कब्जा प्रपत्र वितरित करें। आवंटियों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने जीडीए को जल्द रजिस्ट्री शुरू करने के साथ लोहिया एन्क्लेव के बाकी बचे सभी काम भी पूरे कर आवंटियों को कब्जा देने को कहा था।
जीडीए सचिव रामसिंह गौतम ने कहा कि एनजीटी ने प्राधिकरण की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पर सहमति जताई है। वेटलैंड के नोटिफिकेशन से भी स्पष्ट है कि किस अराजी संख्या में निर्माण पर बंदिश है। प्राधिकरण के पुराने निर्माण से लेकर नई योजनाओं तक पर किसी तरह का संकट नहीं है। लोहिया आवंटियों की अब रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। जल्द उन्हें कब्जा मिल जाएगा।