नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन: गोरखपुर के इस होटल में चल रही थी नए साल की पार्टी, पुलिस पहुंची तो मुंह छिपाकर भागे लोग
होटल बॉबीना में 31 दिसंबर की रात कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए नए साल के जश्न के लिए पार्टी का आयोजन किया गया। वहीं पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में शासन ने प्रदेश में रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा रखा है। इसी के तहत नए साल पर सार्वजनिक जगहों पर कार्यक्रमों के आयोजनों पर रोक थी, लेकिन होटल बॉबीना में 31 दिसंबर की रात इसका पालन नहीं किया गया। इस होटल में नाइट कर्फ्यू के नियमों को ताक पर रखकर नए साल के जश्न के लिए पार्टी का आयोजन किया गया। सूचना पर रात सवा 11 बजे पुलिस पहुंची तो जश्न बंद हुआ। अचानक पुलिस को देखकर लोग मुंह छिपाकर इधर-उधर भागने लगे। हालांकि नियमों का उल्लंघन देखकर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
जानकारी के अनुसार, होटल बॉबीना में शुक्रवार रात नए साल के मौके पर पार्टी का आयोजन किया गया था। तेज म्यूजिक पर सैकड़ों लोग थिरक रहे थे। किसी ने सूचना दी तो पुलिस रात सवा 11 बजे पहुंची। इसके बाद भी करीब 20 मिनट तक डांस, म्यूजिक और कॉकटेल का जश्न चलता रहा। पुलिस सख्त हुई तो पार्टी बंद हुई, लेकिन इसके बाद भी बड़ी देर तक होटल परिसर में भीड़ जुटी रही।
पार्टी में शामिल होने के लिए लेना था सदस्यता कार्ड
नए साल के जश्न के लिए आयोजित पार्टी में शामिल होने के लिए लोगों को 4499 रुपये में सदस्यता कार्ड लेना था। इसके बाद जोड़े में एक या पति-पत्नी और बेटे/बेटी (10 वर्ष तक) आ सकते थे। बड़ी संख्या में लोग आए भी, लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किसी ने नहीं किया। पार्टी हाल से पहले एक बड़े हाल में कॉकटेल पार्टी का इंतजाम था। नवयुवक उसमें जमकर थिरकते नजर आए।
पार्टी में लेकर आए बच्चे
पार्टी में कई लोग बच्चों के साथ शामिल हुए। सवाल यह है कि यदि पार्टी में शराब आदि का सेवन करना था तो दस साल के बच्चे को लाना क्या जरूरी था? मां-बाप शराब के नशे में हुड़दंग करेंगे तो बच्चे पर क्या असर पड़ेगा?
पार्टी चलती दिखी पर नहीं हुई कार्रवाई
पुलिस की मौजूदगी में रात 11 बजे के बाद पार्टी चल रही थी। पुलिस ने इसका वीडियो भी बनाया, लेकिन किसी जिम्मेदार से न तो सवाल किया न कार्रवाई की।
पुलिस की टोपी पहनाकर खड़ा किया था निजी सुरक्षा गार्ड
होटल परिसर में आयोजित नए साल के जश्न में होटल प्रबंधन ने पुलिस की टोपी पहनाकर एक निजी सुरक्षाकर्मी को तैनात किया था। यह सुरक्षाकर्मी आने वालों को हाथ पर बैंड देकर होटल के अंदर जाने दे रहा था।
मास्क किसी के चेहरे पर नहीं था
पार्टी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन होते नहीं दिखा। किसी ने भी मास्क नहीं पहना था। कहीं पर भी सैनिटाइजर का इंतजाम नहीं था। एक दो वेटर थे जिनके हाथों में ग्लब्स जरूर नजर आया।
होटल मालिक हर्ष अग्रवाल ने बताया कि रात 11:5 बजे म्यूजिक बंद हो गया था। कुछ लोग थे जो बैंड के इंस्टूमेंट छू रहे थे। कोरोना गाइड लाइंस का पालन किया गया था। जो आ गए थे उन्हें 11 बजे के तुरंत बाद हाथ पकड़कर तो बाहर नहीं किया जा सकता था। 11 बजे के बाद वही लोग थे जो इंट्री कार्ड से आमंत्रित थे।
कोतवाली के थानाध्यक्ष कल्याण सिंह सागर ने बताया कि रात में 11 बजे के बाद पार्टी की सूचना मिली थी। टीम ने जाकर शासनादेश का निर्देश बता आयोजन बंद करवा दिया था।