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जिला अस्पताल: अब 24 घंटे ब्लड और यूरिन जांच, इमरजेंसी के बगल में बन रही नई पार्किंग
Sat, 29 Feb 2020 11:33 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 Feb 2020 11:33 AM IST
सार
- आठ माह पहले बंद कर दी गई थी ब्लड और यूरिन जांच सेवा
- जिला अस्पताल: इमरजेंसी के बगल में बन रही नई पार्किंग
- मरीजों को इमरजेंसी में पहुंचाने में नहीं होगी देर, तीमारदारों को होगी सहूलियत
- निर्माण के लिए जिला अस्पताल के बगल की दीवार तोड़ी गई
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गोरखपुर जिला अस्पताल। file
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला अस्पताल में अब 24 घंटे और सातों दिन ब्लड और यूरिन की जांच की सुविधा मिलेगी। इमरजेंसी में आए मरीजों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। हालांकि रात में केवल सात जांच ही हो सकेंगी। अन्य जांचों के लिए मरीजों को दिन में ही आना होगा।
जानकारी के अनुसार, पहले सातों दिन 24 घंटे जिला अस्पताल में ब्लड और यूरिन की जांच होती थी, लेकिन पिछले आठ माह से यह सुविधा बंद थी। इसकी जानकारी जब एसआईसी डॉ. एके सिंह को हुई तो उन्होंने इस सेवा को फिर से शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए पैथालॉजी में एक पैथालॉजिस्ट और एक लैब टेक्नीशियन की तैनाती की गई है। डॉ. एके सिंह ने बताया कि रात में हीमोग्लोबिन, शूगर, यूरिया, यूरिन कंपलीट समेत सात तरह की जांच होगी। बाकी जांच दिन में होगी।
भवन निर्माण पूरा, अब एमआरआई मशीन का इंतजार
जिला अस्पताल में एमआरआई के लिए बन रहे भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अब एमआरआई मशीन का इंतजार हो रहा है। एसआईसी डॉ. एके सिंह नेे बताया कि भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मार्च में कार्यदायी संस्था अस्पताल प्रशासन को भवन हैंडओवर कर देगी। एमआरआई मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, पहले सातों दिन 24 घंटे जिला अस्पताल में ब्लड और यूरिन की जांच होती थी, लेकिन पिछले आठ माह से यह सुविधा बंद थी। इसकी जानकारी जब एसआईसी डॉ. एके सिंह को हुई तो उन्होंने इस सेवा को फिर से शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए पैथालॉजी में एक पैथालॉजिस्ट और एक लैब टेक्नीशियन की तैनाती की गई है। डॉ. एके सिंह ने बताया कि रात में हीमोग्लोबिन, शूगर, यूरिया, यूरिन कंपलीट समेत सात तरह की जांच होगी। बाकी जांच दिन में होगी।
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भवन निर्माण पूरा, अब एमआरआई मशीन का इंतजार
जिला अस्पताल में एमआरआई के लिए बन रहे भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अब एमआरआई मशीन का इंतजार हो रहा है। एसआईसी डॉ. एके सिंह नेे बताया कि भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मार्च में कार्यदायी संस्था अस्पताल प्रशासन को भवन हैंडओवर कर देगी। एमआरआई मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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पार्किंग की जगह की किल्लत से परेशान जिला अस्पताल प्रशासन इमरजेंसी के बगल में नई पार्किंग बनवा रहा है। इसके लिए इमरजेंसी के बगल की दीवार को तोड़ दिया गया है। साथ ही टीबी क्लीनिक के पीछे स्थित पुराने आवासों को भी ढहा दिया गया है। इमरजेंसी के बगल में पार्किंग बनने से आपातकाल में आने वाले मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचाने में समय भी कम लगेगा। साथ ही उनके साथ आने वाले मरीजों को भी सहूलियत होगी। टीबी अस्पताल जाने वाले मरीज भी यहां अपने वाहन पार्क कर सकेंगे।
जिला अस्पताल और उसके आसपास पार्किंग की समस्या सबसे बड़ी है। आए दिन गाड़ियां खड़ी करने को लेकर विवाद भी होते रहते हैं। वहीं बेतरतीब खड़े वाहन जाम का भी कारण बनते हैं जिससे गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में पहुंचाने में देर होती। ऐसी दशा में कई बार उनकी जान पर भी बन आती है। इस समस्या से निजात के लिए एसआईसी डॉ. एके सिंह ने इमरजेंसी के ठीक बगल में टीबी अस्पताल के पीछे पार्किंग बनाने का सुझाव प्रशासन को दिया।
इस पर डीएम ने इमरजेंसी के बगल की पुरानी दीवारों और जर्जर मकानों को ढहाने का निर्देश दिया। इसके बाद एसडीएम की मौजूदगी में दीवारें और जर्जर आवास ढहा दिए गए। डॉ. एके सिंह ने बताया कि खाली की गई जमीन का इस्तेमाल पार्किंग के तौर पर अब इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी के बगल में एक वाटर कूलर भी लगवाया जाएगा।
जिला अस्पताल और उसके आसपास पार्किंग की समस्या सबसे बड़ी है। आए दिन गाड़ियां खड़ी करने को लेकर विवाद भी होते रहते हैं। वहीं बेतरतीब खड़े वाहन जाम का भी कारण बनते हैं जिससे गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में पहुंचाने में देर होती। ऐसी दशा में कई बार उनकी जान पर भी बन आती है। इस समस्या से निजात के लिए एसआईसी डॉ. एके सिंह ने इमरजेंसी के ठीक बगल में टीबी अस्पताल के पीछे पार्किंग बनाने का सुझाव प्रशासन को दिया।
इस पर डीएम ने इमरजेंसी के बगल की पुरानी दीवारों और जर्जर मकानों को ढहाने का निर्देश दिया। इसके बाद एसडीएम की मौजूदगी में दीवारें और जर्जर आवास ढहा दिए गए। डॉ. एके सिंह ने बताया कि खाली की गई जमीन का इस्तेमाल पार्किंग के तौर पर अब इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी के बगल में एक वाटर कूलर भी लगवाया जाएगा।