वैशाख में फाल्गुन का अहसास: इस बार बदल गया अप्रैल, 13 साल में कभी नहीं हुआ ऐसा सुहाना मौसम
आकाश में बादलों के आने-जाने से सूरज की तपिश महसूस ही नहीं हुई। पछुआ हवा ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। दिन चढ़ने के बाद भी तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। इस वजह से लोगों ने मौसम का लुत्फ उठाया।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश-बर्फबारी और पछुआ हवा की वजह से सोमवार को मैदानी इलाकों में मौसम काफी सुहाना रहा। गोरखपुर जिले में दिन का तापमान 32.1 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से छह डिग्री कम है। इससे पहले साल 2011 में 39.2 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। इस तरह पिछले 13 साल में अप्रैल माह में कभी इतना कम तापमान नहीं रहा।
दो दिन पहले तक तेज धूप के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया था। अधिकतम तापमान 41 डिग्री पार कर गया था। सोमवार को आकाश में बादलों के आने-जाने से सूरज की तपिश महसूस ही नहीं हुई। पछुआ हवा ने मौसम को खुशनुमा बना दिया।
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दिन चढ़ने के बाद भी तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। इस वजह से लोगों ने मौसम का लुत्फ उठाया। पार्कों के अलावा रामगढ़ताल के पास लोगों की काफी आवाजाही रही। वहीं, रात का तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि सामान्य तापमान के बराबर है।
बारिश व बर्फबारी से बदला मौसम
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने कहा कि पहाड़ों पर हुई बारिश व बर्फबारी की वजह से मौसम के मिजाज में बदलाव आया है। इस सप्ताह मौसम का मिजाज फिर बदलेगा और सूरज की तपिश परेशान करेगी। अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री तक पहुंच सकता है।
कुछ यूं रहा पिछले दिनों अप्रैल के महीने में अधिकतम पारा
| वर्ष | अधिकतम तापमान |
| 2011 | 39.2 |
| 2012 | 40.4 |
| 2013 | 40.5 |
| 2014 | 40.9 |
| 2015 | 39.6 |
| 2016 | 41.0 |
| 2017 | 41.8 |
| 2018 | 39.9 |
| 2019 | 41.4 |
| 2020 | 38.1 |
| 2021 | 42.1 |
| 2022 | 40.5 |