सीमावर्ती क्षेत्र में बीओपी की संख्या बढ़ा रहा है नेपाल, जानिए कितने जवानों की होगी तैनाती
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नेपाल भारत से लगने वाली सीमावर्ती क्षेत्रों में बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) की संख्या बढ़ा रहा है। वहां की सरकार ने हर बीओपी पर 35 जवान तैनात करने का फैसला किया है। बीओपी स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। कई जगह भूमि चिह्नित कर ली गई है तो कई जगह बीओपी स्थापित करने का काम चल रहा है। कुछ जगह जवानों की तैनाती हो गई है। सीमावर्ती जिलों में 22-22 बीओपी स्थापित किए जाने हैं।
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के 22 जिले मधेशी बहुल हैं। इन जिलों में बीओपी स्थापित करने पर खास जोर दिया जा रहा है। कई जगह नेपाल सशस्त्र पुलिस के चेकपोस्ट पर ही बीओपी स्थापित की जा रही है। यहां नेपाल सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
नेपाली सशस्त्र पुलिस के राज्य प्रमुख वीके दहल ने बताया कि सभी स्वीकृत स्थानों पर चालू वित्त वर्ष में बीओपी स्थापित करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। सूर्योदय नगर पालिका में चिवभंज्यांग, सुरीखेत समालबंग और रांग नगर पालिका में बीओपी स्थापित करने का काम पूरा हो गया है। कपिलवस्तु, रूपनदेही, नवलपरासी, चितवन, बीरगंज, परसा सहित कई जिलों में बीओपी बनकर तैयार है।
कहीं बीओपी के सियासी मायने तो नहीं
भारतीय क्षेत्र को अपना बताकर संसद में प्रस्ताव पास करा चुकी नेपाल सरकार अब सीमावर्ती क्षेत्रों में बीओपी की संख्या बढ़ा रही है। इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि सीमा विवाद के बाद नेपाल सरकार एक बार फिर भारत के साथ संबंध को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि इससे पहले नेपाल ने कभी भी सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाल सशस्त्र पुलिस की तैनाती नहीं की थी। इन क्षेत्रों में नेपाल प्रहरी के जवान तैनात किए जाते रहे हैं, लेकिन अब नए बीओपी स्थापित कर सशस्त्र पुलिस की तैनाती की जा रही है।