फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Negligence in the treatment of the elderly in BRD Medical, Gorakhpur sick person was laid on the road.

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हंगामा: बुजुर्ग के इलाज में लापरवाही... बीमार को सड़क पर लिटाकर लगाया जाम

Sat, 20 Sep 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 20 Sep 2025 01:06 AM IST
सार

इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर मरीज की जांच कर रहे थे, जिसका एक परिजन वीडियो बनाने लगा। आरोप है कि डॉक्टरों ने मोबाइल छीन लिया और परिजनों को वार्ड से बाहर निकलने को कहा। इसी को लेकर परिजनों व डॉक्टरों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। अन्य मरीजों के तीमारदारों ने बीच बचाव कराया। इसके बाद नाराज डॉक्टरों ने राजकली देवी का इलाज करने से इन्कार कर दिया।
 

विज्ञापन
Negligence in the treatment of the elderly in BRD Medical, Gorakhpur sick person was laid on the road.
बीआरडी मेडिकल कालेज गेट के सामने तीमारदार ने डाक्टरों के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाकर गोरखपुर महर

विस्तार

मरीज के परिजन के साथ पहले दुर्व्यवहार और फिर इलाज करने से मना करने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को हंगामा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 90 वर्षीय बीमार महिला को गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर लिटाकर जाम लगा दिया।

विज्ञापन


अचानक हुए हंगामे से न सिर्फ अस्पताल परिसर बल्कि सड़क पर भी अफरा-तफरी मच गई। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। परिजन बुजुर्ग को लेकर घर लौट गए। देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के कौसर सरया निवासी राजकली देवी (90 वर्ष) को ब्रेन स्टोक के कारण परिजनों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज देवरिया में भर्ती कराया था।

विज्ञापन

वहां से डॉक्टर ने शुक्रवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। यहां मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड नंबर 11 लेकर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर मरीज की जांच कर रहे थे, जिसका एक परिजन वीडियो बनाने लगा। आरोप है कि डॉक्टरों ने मोबाइल छीन लिया और परिजनों को वार्ड से बाहर निकलने को कहा।

इसी को लेकर परिजनों व डॉक्टरों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। अन्य मरीजों के तीमारदारों ने बीच बचाव कराया। इसके बाद नाराज डॉक्टरों ने राजकली देवी का इलाज करने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन

पहले दुर्व्यवहार और फिर इलाज से इनकार से आक्रोशित परिजन मरीज को उठाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज गेट के बाहर फोरलेन पर ले गए और सड़क पर लिटाकर जाम लगा दिया। इस दौरान सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।

इस दौरान एक अन्य मामले में मेडिकल कॉलेज में ही मौजूद सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह को जानकारी हुई तो वे गुलरिहा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में ही इलाज कराने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में पहले भी हो चुका है हंगामा
 बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ दुर्व्यवहार का मामला नया नहीं है। शायद ही कोई महीना ऐसा बीते, जब वार्ड में ड्यूटी कर रहे जूनियर डॉक्टर किसी मरीज या परिजन के साथ मारपीट न करते हों। हर बार विवाद केवल इलाज को लेकर ही होता है।

जब भी कोई परिजन इलाज नहीं होने की शिकायत करता है तो डॉक्टर उग्र हो जाते हैं। पिछले साल 13 अगस्त को बस्ती जिले के एक युवक की केवल डॉक्टरों के समूह ने इसलिए पिटाई कर दी, कि उसने इलाज में लापरवाही की बात कह दी। इससे पहले महराजगंज जिले के एक युवक को केवल इसलिए पीट दिया गया कि वह अपनी बीमार मां को नेत्र रोग विभाग में लेकर जा रहा था और एक जूनियर डॉक्टर से रास्ता पूछ लिया।

बीमार बुजुर्ग के इलाज को लेकर कोई दिक्कत नहीं थी। परिजन वीडियो बनाकर किसी को दिखा रहे थे, जिस पर डॉक्टरों ने आपत्ति की। इसको लेकर ही कुछ गलतफहमी हो गई थी। परिजन बुजुर्ग को लेकर घर चले गए। इस मामले में अगर वे लोग कोई लिखित शिकायत करते हैं तो फिर संबंधित डॉक्टरों से भी पूछताछ की जाएगी: डॉ. बीएन शुक्ला, सीएमएस नेहरू अस्पताल, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed