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गोरखपुर: देवरिया बाईपास मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत, टू लेन होने के कारण चौराहों पर लगता है जाम
Sat, 18 Dec 2021 02:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 18 Dec 2021 02:32 PM IST
सार
लोगों का मानना है कि यातायात का दबाव बढ़ने से यह टू लेन मार्ग नाकाफी है, इसे जल्द से जल्द फोर लेन में तब्दील किया जाना चाहिए।
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देवरिया बाईपास के पास लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आठ किलोमीटर लंबे गोरखपुर-देवरिया बाईपास मार्ग पर 102 लिंक रोड और नौ बड़े चौराहे हैं। इनके अलावा मोहल्लों से निकलने वाले अनगिनत छोटे रास्ते भी इस मार्ग से जुडे़ हैं। एक लाख से अधिक आबादी वाले इस इलाके में तीस हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन हैं, जो सुबह-शाम इस मार्ग से गुजरते हैं। वहीं छोटे और भारी वाहनों का भी चौबीस घंटे आना-जाना रहता है। यहां के लोगों का मानना है कि यातायात का दबाव बढ़ने से यह टू लेन मार्ग नाकाफी है, इसे जल्द से जल्द फोर लेन में तब्दील किया जाना चाहिए।
बुद्ध विहार के विकास श्रीवास्तव ने कहा कि देवरिया बाईपास मार्ग के आसपास घनी आबादी है। इस मार्ग पर सुबह और शाम लगने वाले जाम को देखकर यहां की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन जाम में फंसे रहते हैं। टू लेन मार्ग पर सफर अब आसान नहीं रहा। इसको फोरलेन करने की जरूरत है।
सिक्टौर बाजार की अंकिता पांडेय ने कहा कि देवरिया बाईपास मार्ग कभी वाहनों से खाली नहीं रहता है। लिंक रोड से मुख्य मार्ग पर आने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यातायात नियमों की अनदेखी से चौक-चौराहों पर अक्सर जाम लगता है। सिक्टौर चौराहे से अमर उजाला चौराहे तक पहुंचने में आधे से पौन घंटे लग जाते हैं, जबकि उन दोनों चौराहों के बीच की दूरी सात किलोमीटर है। फोरलेन बनने के बाद ही समस्या का समाधान हो सकता है।
तारामंडल के बालेंदु पाठक ने कहा कि देवरिया बाईपास मार्ग को बने करीब 25 साल हो गए। समय के अनुसार इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। दो पहिया से लेकर भारी वाहनों की संख्या अधिक है। इस मार्ग पर बड़े और भारी वाहनों की औसत गति 20 किलोमीटर प्रतिघंटे से अधिक नहीं होती। टू लेन होने के कारण इन वाहनों को ओवरटेक करना भी मुश्किल होता है। यदि यह मार्ग फोर लेन हो जाए तो समस्याएं दूर हो जाएंगी।
लोहिया आवास कॉलोनी के जितेंद्र सिंह ने कहा कि देवरिया-बाईपास मार्ग पर अमर उजाला चौराहे से बुद्ध विहार चौराहे तक घनी आबादी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के बाद से देवरिया बाईपास तक अस्पताल, बाजार, स्कूल, दुकानें, सामूहिक आवास आदि हैं। यातायात का दबाव बढ़ने से इस मार्ग को फोर लेन में तब्दील करना बेहतर होगा, ताकि इलाके के लाखों लोगों के लिए आवागमन सुगम हो सके।
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बुद्ध विहार के विकास श्रीवास्तव ने कहा कि देवरिया बाईपास मार्ग के आसपास घनी आबादी है। इस मार्ग पर सुबह और शाम लगने वाले जाम को देखकर यहां की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन जाम में फंसे रहते हैं। टू लेन मार्ग पर सफर अब आसान नहीं रहा। इसको फोरलेन करने की जरूरत है।
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सिक्टौर बाजार की अंकिता पांडेय ने कहा कि देवरिया बाईपास मार्ग कभी वाहनों से खाली नहीं रहता है। लिंक रोड से मुख्य मार्ग पर आने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यातायात नियमों की अनदेखी से चौक-चौराहों पर अक्सर जाम लगता है। सिक्टौर चौराहे से अमर उजाला चौराहे तक पहुंचने में आधे से पौन घंटे लग जाते हैं, जबकि उन दोनों चौराहों के बीच की दूरी सात किलोमीटर है। फोरलेन बनने के बाद ही समस्या का समाधान हो सकता है।
तारामंडल के बालेंदु पाठक ने कहा कि देवरिया बाईपास मार्ग को बने करीब 25 साल हो गए। समय के अनुसार इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। दो पहिया से लेकर भारी वाहनों की संख्या अधिक है। इस मार्ग पर बड़े और भारी वाहनों की औसत गति 20 किलोमीटर प्रतिघंटे से अधिक नहीं होती। टू लेन होने के कारण इन वाहनों को ओवरटेक करना भी मुश्किल होता है। यदि यह मार्ग फोर लेन हो जाए तो समस्याएं दूर हो जाएंगी।
लोहिया आवास कॉलोनी के जितेंद्र सिंह ने कहा कि देवरिया-बाईपास मार्ग पर अमर उजाला चौराहे से बुद्ध विहार चौराहे तक घनी आबादी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के बाद से देवरिया बाईपास तक अस्पताल, बाजार, स्कूल, दुकानें, सामूहिक आवास आदि हैं। यातायात का दबाव बढ़ने से इस मार्ग को फोर लेन में तब्दील करना बेहतर होगा, ताकि इलाके के लाखों लोगों के लिए आवागमन सुगम हो सके।