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Gorakhpur News: नया गोरखपुर बसाने में भी मुआवजे का पेंच, अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं किसान
Wed, 07 Jun 2023 03:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 07 Jun 2023 03:03 PM IST
सार
जीडीए के सचिव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि शुरू में किसानों ने विरोध किया था, मगर अब धीरे-धीरे कई किसान राजी हो गए हैं। अब सबसे अहम सवाल यही है कि अगर कुछ किसान राजी हैं तो उनकी जमीनें अब तक अधिग्रहित क्यों नहीं हो सकीं? बहरहाल, मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध अभी जारी है।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नया गोरखपुर परियोजना में जमीन देने के लिए किसानों को मना लेने में भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अभी तक सफल नहीं हो पाया है। सर्किल रेट से मुआवजे की राशि लेने को किसान तैयार नहीं है। उनका कहना है कि हमें बाजार भाव के अनुसार मुआवजे की राशि दी जाए। वहीं, प्रशासन के सामने कोई नया विकल्प नहीं है।
हालांकि, जीडीए का दावा है कि नए गोरखपुर के लिए क्षेत्र के कई किसान जमीन देने को हामी भर रहे हैं। जो तैयार नहीं है, उनसे भी फिर वार्ता की जाएगी। बातचीत से ही मसला हल होगा।
इसे भी पढ़ें: गीडा में 200 एकड़ में बनेंगे आवासीय और व्यावसायिक प्लाट, कालेसर में खरीदी 120 एकड़ जमीन
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जीडीए के सचिव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि शुरू में किसानों ने विरोध किया था, मगर अब धीरे-धीरे कई किसान राजी हो गए हैं। अब सबसे अहम सवाल यही है कि अगर कुछ किसान राजी हैं तो उनकी जमीनें अब तक अधिग्रहित क्यों नहीं हो सकीं? बहरहाल, मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध अभी जारी है। उधर, जीडीए एक बार फिर किसानों से बातचीत करने की तैयारी में है।
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हालांकि, जीडीए का दावा है कि नए गोरखपुर के लिए क्षेत्र के कई किसान जमीन देने को हामी भर रहे हैं। जो तैयार नहीं है, उनसे भी फिर वार्ता की जाएगी। बातचीत से ही मसला हल होगा।
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जीडीए के सचिव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि शुरू में किसानों ने विरोध किया था, मगर अब धीरे-धीरे कई किसान राजी हो गए हैं। अब सबसे अहम सवाल यही है कि अगर कुछ किसान राजी हैं तो उनकी जमीनें अब तक अधिग्रहित क्यों नहीं हो सकीं? बहरहाल, मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध अभी जारी है। उधर, जीडीए एक बार फिर किसानों से बातचीत करने की तैयारी में है।