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राष्ट्रीय बालिका दिवस: मारूफी को जिंदगी की हर जंग में चाहिए स्वर्ण पदक, सपना ओलंपिक में है सोना जीतना
Tue, 24 Jan 2023 02:50 PM IST
vivek shukla
मान्यता कुशवाहा, गोरखपुर।
मान्यता कुशवाहा, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 24 Jan 2023 02:50 PM IST
सार
सैयद उमराह मारूफी के खेल का सफर काफी उतार चढ़ाव वाला रहा है। वह बताती हैं कि जब वह बॉक्सिंग के रिंग में उतरीं तो उनके कपड़ों पर लोगों ने तंज कसे, लेकिन उन्होंने परवाह नहीं की। अपना ध्यान खेल पर लगाया।
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सैयद उमराह मारूफी
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले की बिटिया सैयद उमराह मारूफी बॉक्सिंग प्रतियोगिता में राष्ट्रीय फलक पर चमक बिखेर रही है। उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर शहर और देश का नाम रोशन करने का है। मारूफी का कहना है कि मुझे अपनी जिंदगी की हर जंग में स्वर्ण पदक जीतना है। इससे नीचे कुछ नहीं चाहिए।
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सैयद उमराह मारूफी के खेल का सफर काफी उतार चढ़ाव वाला रहा है। वह बताती हैं कि जब वह बॉक्सिंग के रिंग में उतरीं तो उनके कपड़ों पर लोगों ने तंज कसे, लेकिन उन्होंने परवाह नहीं की। अपना ध्यान खेल पर लगाया। आज स्थिति यह है कि कपड़ों पर तंज कसने वाले उनकी तारीफ करते हैं। सोशल मीडिया पर फोटो लगाकर गर्व से अपनी रिश्तेदार अथवा दोस्त बताते हैं।
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मां गायत्री इंटरमीडिएट कॉलेज में कक्षा 11वीं की छात्रा सैयद उमराह मारूफी के पिता सैयद रैहानुल्लाह मारूफी अलीनगर में कपड़े के एक शोरूम में मैनेजर हैं। मां नाजरीन रेहान गृहिणी हैं। मारूफी ने बॉक्सिंग की शुरुआत 14 वर्ष की आयु में महाराष्ट्र के मलाड वेस्ट से की। वह बताती हैं कि शुरूआत में उन्होंने फिटनेस के लिए बॉक्सिंग की प्रैक्टिस शुरू की थी। बाद में इसे जीवन का लक्ष्य बना लिया।
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वर्ष 2020 में कोरोना महामारी की वजह से मारूफी को मुंबई छोड़कर गोरखपुर आना पड़ा। रिंग में अभ्यास बंद हो गया तो घर पर ही रोजाना तीन घंटे अभ्यास करना शुरू कर दिया। इससे फिटनेस बनी रही। इस दौरान रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के कोच सुजीत कुमार गौतम के संपर्क में बनी रहीं। खेल पर सलाह और मार्गदर्शन लेती रहीं।
हालात सामान्य हुए तो मारूफी दोबारा रिंग में उतरीं और अपने प्रदर्शन से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वर्ष 2022 में सैयद मारूफी ने जूनियर राज्य स्तरीय और नेशनल बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। मारूफी का कहना है कि मुझे मेरे माता-पिता के साथ कोच का पूरा सहयोग मिल रहा है। इनके सहयोग से मैं अपने सपनों की उड़ान भर रही हूं।