गोरखपुर: बुजुर्ग की मौत में बेटे-बहू पर हत्या का केस दर्ज, कोर्ट ने दिया ये आदेश
चंद्रकला का कथन है कि पिता को गंभीर हालत में शहर के कई अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन तीन अगस्त को उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ चौरीचौरा थाने का चक्कर काटती रही लेकिन पुलिस ने हत्यारोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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गोरखपुर के चौरीचौरा इलाके के चौरा गांव निवासी रामनाथ निषाद (70) की मौत मामले में बेटे और बहू पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बहन चंद्रकला साहनी पत्नी पारसनाथ का आरोप है कि भाई व भाभी ने पिता को मारपीट कर घायल करने व ज्वलनशील पदार्थ डालकर हत्या की थी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, चौरा गांव की चंद्रकला साहनी का आरोप है कि उनकी दो अन्य बहने निर्मला व पुष्पा व एक भाई अरविंद हैं। सभी की शादी हो चुकी है। मां की मौत सात साल पहले हो चुकी है। बड़ी बेटी होने के कारण पिता की देखभाल करती थी।
चंद्रकला का कहना है कि भाई को यह आशंका था कि पिता सारी संपत्ति अपनी बेटियों को दे देंगे। इस बात को लेकर अरविंद उनको तरह तरह से प्रताड़ित करते थे। 15 जुलाई की रात 11 बजे भाई अरविंद ने पिता के ऊपर तेजाब फेंक दिया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
इसी दौरान भाभी मालती ने भी उनके ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर ऊपर से गर्म पानी डाल दिया। जिससे पिता की हालत और गंभीर हो गई। इस घटना के समय पिता भाई के पास थे। 16 जुलाई को पुलिस की मदद से अपने पिता को अपने घर लायी और घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो 17 जुलाई को रजिस्ट्री कर एसएसपी को अवगत कराया गया। थाना दिवस में शिकायत हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चंद्रकला का कथन है कि पिता को गंभीर हालत में शहर के कई अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन तीन अगस्त को उनकी मौत हो गई थी।
पिता की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ चौरीचौरा थाने का चक्कर काटती रही लेकिन पुलिस ने हत्यारोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। चंद्रकला ने इस मामले को लेकर न्यायालय में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। मामले का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।