गोरखपुर: सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष और एईएन भिड़े, ऑडियो वायरल
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मुख्यमंत्री त्वरित विकास निधि से लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सीसी रोड और नाले के निर्माण को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष पीपीगंज गंगा प्रसाद जायसवाल और एईएन पीडब्ल्यूडी, अशोक सिंह के बीच विवाद हो गया। फोन पर दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए और जांच को लेकर केस दर्ज कराने की बात कही।
दोनों के बीच बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष ने रविवार को यानी आज सभासदों के साथ सीएम से मिलकर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी नगर पंचायत में शिव मंदिर से लेकर दुर्गा मंदिर के बीच एक करोड़ तीस लाख की लागत से नाले एवं सीसी रोड का निर्माण एक महीने से करा रहा है। गुणवत्ता खराब होने का आरोप लगाते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष ने करीब एक हफ्ते पूर्व काम बंद करा दिया था। जिसको लेकर पहले ठेकेदार और अध्यक्ष के बीच धमकी देने की तहरीर थाने पर दी गई थी।
अब अध्यक्ष एवं पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अशोक सिंह के बीच हुई बातचीत के दौरान एक-दूसरे को देख लेने एवं कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने का ऑडियो वायरल होने के बाद अफरातफरी है।
पंचायत के काम की जांच कराकर हड़ताल की दी धमकी
अध्यक्ष ने जहां एई से नाला एवं सीसी रोड निर्माण में गुणवत्ता की शिकायत की। वहीं काम बंद कराने की बात पर भड़के एई ने नगर पंचायत में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा आरोप लगाते हुए धमकी देते हुए कहा- यदि हमारे विभाग के काम में हस्तक्षेप करेंगे तो मैं पूरी नगर पंचायत के विकास कार्यों की जांच कराने के साथ पूरे प्रदेश में अभियंताओं की हड़ताल कराकर पतन करा दूंगा, इसपर अध्यक्ष ने भी धमकी स्वीकार करते हुए किसी भी तरह की जांच कराने की चुनौती दी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा प्रसाद जायसवाल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम हो रहा था, जिसे बंद करा दिया गया। जिसके बाद पहले ठेकेदार द्वारा धमकी दी गई और फिर सहायक अभियंता द्वारा। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा और जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जांच की मांग करूंगा, यदि फिर भी जांच कराकर दोषी अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता के साथ विरोध-प्रदर्शन को मजबूर होना पड़ेगा।
पीडब्ल्यूडी एईएन अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नगर पंचायत में जो कार्य कराया जा रहा है उसकी जांच अधिशाषी अभियंता ने भी की है। उन्होंने गुणवत्ता को संतोषजनक पाया है, फिर भी अगर किसी को आपत्ति है, तो किसी भी एजेंसी से जांच करा सकते हैं, लेकिन कार्य को अवरुद्ध किया जाना नियम विरुद्ध है।
नगर पंचायत अध्यक्ष और एईएन की वायरल बातचीत का अंश
अध्यक्ष- आप एईएन हैं, ठेकेदार आठ-एक की ढलाई करा रहा है, विरोध करने पर गुंडई कर रहा है, जो काम खराब हुआ है उसका क्या करेंगे, हमारे पास वीडियो है।
एईएन- चेयरमैन साहब! कोई काम आपसी सहयोग से होता है, जो खराब काम होगा उसे तोड़वा देंगे, लेकिन आप जो काम टाउन एरिया में कराए हैं सभी काम भुगतान लायक नहीं है, दूसरे के काम मे दखलंदाजी कर रहे हैं, हम आपका काम चेक करवाएंगे।
अध्यक्ष - अगर आपको टाउन एरिया का काम खराब लग रहा है तो जांच करा लीजिये, धमकी मत दीजिये, गलत काम का विरोध करने पर आप धमकी दे रहे हैं।
एईएन - हड़काकर, घुड़काकर कोई काम नहीं होता। चेयरमैन हैं, चेयरमैन की भाषा में बात करिये। किसी के मान-सम्मान से मत खिलवाड़ करिये।
अध्यक्ष - आप साइट पर आइये।
एईएन - मरवा देंगे क्या?
अध्यक्ष -नहीं, हम कार्य रुकवा देंगे, अधिकारी बुलवाएंगे।
एईएन - हम एफआईआर कराएंगे, सरकारी कार्य में बाधा पहुचाने की।
अध्यक्ष - आइये न, धमकाइये न, लूटत बाटा न...
एईएन - तू टाउन एरिया लूट लिहल..., हमहू कुल जांच कराइब, हमहू कहुं बहरे से नाहीं आइल बाटीं, आप भी गलतफहमी में है, पूरा प्रदेशवा में हड़ताल करा देब, सारे विभगवा के कमवा बंद करा देब...
अध्यक्ष - आवा न... गलतफहमी में बाटा, हम तूफान खड़ा करा देब, केहू माई के लाल पैदा नाई भइल बा...