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Gorakhpur News: तीन साल कार्यकाल.. स्वच्छता, जलनिकासी के क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव

Thu, 28 May 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Thu, 28 May 2026 02:36 AM IST
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Municipal Corporation: On completion of three years, Mayor Dr. Manglesh Srivastava told about the achievements of his tenure.

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- नगर निगम : तीन साल पूरे होने पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बताईं
- कहा- गार्बेज सिटी और प्राकृतिक विधि से जल शोधन का कार्य सबसे बड़ी उपलब्धि



गोरखपुर। नगर निगम बोर्ड के तीन वर्ष पूरे होने पर बुधवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा किया। कहा, शहर में स्वच्छता, जलनिकासी और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने सुथनी स्थित इंटीग्रेटेड गार्बेज सिटी और प्राकृतिक विधि से जल शोधन का कार्य (फाइटो रेमिडिएशन) तकनीक को अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि बताई।

मेयर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और उनके मार्गदर्शन का अनुसरण कर गोरखपुर ‘अनुगामी’ की बजाय ‘अग्रगामी’ महानगर बन चुका है। वैकासिक नवाचार की दृष्टि से गोरखपुर की गिनती अब ‘फॉलोवर’ की बजाय ‘लीडर’ के रूप में होती है। पिछले तीन सालों में नगर निगम ने करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप देकर या उन्हें गतिमान कर गोरखपुर को शहरी विकास के नक्शे पर चमकाया है, निखारा है। पिछले तीन सालों में केंद्र और राज्य स्तर पर मिले नौ अलग-अलग पुरस्कार व सम्मान इसके प्रमाण हैं।
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सुथनी में इंटीग्रेटेड गार्बेज सिटी की स्थापना से शहर का लिगेसी वेस्ट पूरी तरह समाप्त हो गया। पहले शहर में जगह-जगह कूड़ा पड़ाव केंद्र बने रहते थे लेकिन अब यह व्यवस्था खत्म हो चुकी है। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की है, जिससे शहर की स्वच्छता में बड़ा सुधार हुआ है।
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उन्होंने कहा कि नालों के पानी को साफ करने के लिए अपनाई गई फाइटो रेमिडिएशन तकनीक ने गोरखपुर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बिना अतिरिक्त खर्च के नालों का पानी साफ हो रहा है। अब देश के कई नगर निगम भी इसे अपनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल स्थापित किया है। सेंसरयुक्त तकनीक से नालों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है और खतरे की स्थिति में अधिकारियों को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है।

डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में सिक्सलेन और फोरलेन सड़कों का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है। इसके अलावा रामगढ़ताल क्षेत्र के तकिया घाट के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि घाट क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, सफाई और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। आने वाले समय में शहर को और अधिक स्वच्छ, आधुनिक और जलभराव मुक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जाएगा। इस अवसर पर नगर आयुक्त अजय जैन, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, अतुल कुमार व गौरव रंजन आदि मौजूद रहे।

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बरसात में जल्द निकल जाता है पानी
एक सवाल के जवाब में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि जिला अस्पताल रोड हो या विजय चौक, यहां बरसात में आधे घंटे ही पानी लगता है, तत्काल निकाल दिया जाता है। उन्होंने एक और सवाल के जवाब में कहा कि कुत्तों के लिए एबीसी सेंटर बना दिया गया है। सुथनी प्लांट भी जल्द आएगा। लोगों को सड़क पर कूड़ा नहीं फेंकना चाहिए, सहयोग करना चाहिए।
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