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अनुज कन्नौजिया: गोरखपुर जेल में 6 साल रहा बंद, 'मुट्ठी खुल गई तो...' जानिए किसे दी थी धमकी- सहम गए थे सभी

Mon, 31 Mar 2025 02:18 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: रोहित सिंह Updated Mon, 31 Mar 2025 02:18 PM IST
सार

Shooter Anuj Kannaujiya: गोरखपुर जेल में एक बार चेकिंग चल रही थी। इस दौरान अनुज ने अपनी मुट्ठी में गुटखा दबाया था। जिसे खुलवाने का प्रयास बंदी रक्षक ने किया तब अनुज ने कहा था कि अगर ये मुट्ठी खुल गई तो तुम कल का सूरज नहीं देख पाओगे। यह सुनकर बंदी रक्षक सकते में आ गया था।

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Mukhtar Ansari's shooter Anuj Kanaujia killed in encounter. He also spent 6 years in Gorakhpur jail
कुख्यात शूटर अनुज कन्नौजिया की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड के जमशेदपुर में मुठभेड़ में ढेर ढाई लाख का इनामी अनुज कन्नौजिया गोरखपुर जिला जेल में छह साल बंद था। मऊ चिरैयाकोट निवासी मुख्तार के इस गुर्गे का जेल में काफी बोलबाला भी था। अनुज कन्नौजिया ने जेल के अंदर बंदी रक्षक को जान से मारने की धमकी भी दी थी। गोरखपुर की जेल में छह साल रहा, इसके बाद मेरठ जेल ट्रांसफर कर दिया गया था।
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जेल प्रशासन के मुताबिक, वर्ष 2010 में गाजीपुर में एक हत्या के मामले में गिरफ्तार कर उसे जेल भिजवाया गया था। वहां से उसे देवरिया जेल भिजवाया गया। देवरिया में एक विवाद के बाद उसे 10 सितंबर 2010 को गोरखपुर जेल भेजा गया। यहां पर छह साल रहा। 03 जनवरी 2016 में उसे मेरठ जेल भेज दिया गया था।
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Mukhtar Ansari's shooter Anuj Kanaujia killed in encounter. He also spent 6 years in Gorakhpur jail
अनुज कनौजिया और मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
चेकिंग करने में दी थी धमकी
गोरखपुर जेल में एक बार चेकिंग चल रही थी। इस दौरान अनुज ने अपनी मुट्ठी में गुटखा दबाया था। जिसे खुलवाने का प्रयास बंदी रक्षक ने किया तब अनुज ने कहा था कि अगर ये मुट्ठी खुल गई तो तुम कल का सूरज नहीं देख पाओगे।
https://www.youtube.com/watch?v=1YAcIcoL5ks&t=2s

यह सुनकर बंदी रक्षक सकते में आ गया था। बताया जाता है कि मुख्तार का गुर्गा जानकर अन्य बंदी रक्षक पीछे हट गए थे। उस समय मुख्तार अंसारी का नाम गोरखपुर जेल में खूब लिया जाता था। किसी भी अपराधी को मुख्तार से संपर्क बनाना होता था तो उसे शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया की चेलागिरी करनी पड़ती थी। अनुज की पूरी टीम जेल की एक नंबर बैरक में थी।

Mukhtar Ansari's shooter Anuj Kanaujia killed in encounter. He also spent 6 years in Gorakhpur jail
शॉर्प शूटर अनुज कन्नौजिया और रीना राय( फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों की मानें तो वर्ष 2009-10 में मऊ जिले का करोड़ों का ठेका मैनेज करने में कुछ लोग अड़चन पैदा कर रहे थे। इसी मामले में एक इंजीनियर की हत्या कर दी गई। आरोप मुख्तार अंसारी के शूटर अनुज कन्नौजिया पर लगा।

इसके बाद अनुज अपने साथियों के साथ पकड़ा गया था। मुख्तार अंसारी का खास होने की वजह से गोरखपुर जेल में अनुज कन्नौजिया के पास सारे जरूरत के सामान पहुंचाने मऊ से लोग आते थे। उसका रहन-सहन देख हर कोई जेल में उसका चेला बन जाता था।
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जेल में पहुंच गए दर्जनों शूटर
वर्ष 2010 में मऊ जेल से ट्रांसफर होकर मुख्तार के दर्जनों शूटर गोरखपुर कारागार पहुंच गए। अनुज कन्नौजिया के साथ ही श्याम बाबू पासी, धीरज सिंह, मोहर सिंह और मुख्तार गैंग से ही संबंधित गोरखपुर का विकास सिंह जैसे कुख्यात अपराधी मऊ, आजमगढ़ से गोरखपुर कारागार पहुंच गए। जेल के पुराने नंबरदारों का कहना है कि गोरखपुर जेल में बड़े-बड़े अपराधी बंद थे लेकिन सभी मुख्तार गैंग से खौफ खाते थे।

 
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